Jharkhand News: झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित तेलोडीह पंचायत के कई गांवों में बीती रात जंगली हाथियों के अचानक आ जाने से हड़कंप मच गया। दर्जनों हाथियों का एक झुंड गांधी मैदान की ओर से पंचायत सचिवालय होते हुए खुट्टा मस्जिद के बगल वाली गली से गुजरता हुआ बाउंड्री दीवार तोड़ता हुआ फसलों को रौंदता आगे बढ़ता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान पूरा माहौल भयभीत और अफरातफरी में तब्दील हो गया। हाथियों के उत्पात से खेतों को भारी नुकसान पहुंचा और ग्रामीणों में खौफ का माहौल बन गया।
पंचायत मुखिया शब्बीर आलम ने दिखाई तत्परता और नेतृत्व क्षमता
इस संकट की घड़ी में पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पूरे मामले की कमान संभाली। जैसे ही उन्हें हाथियों के आने की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत अलर्ट मोड में आकर बिना देर किए पंचायत के सभी मोहल्लों की मस्जिदों में घोषणा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया। रात का समय होने के बावजूद शब्बीर आलम खुद मौके पर रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे और ग्रामीणों के मनोबल को बनाए रखा। उनकी सक्रिय निगरानी और ग्रामीणों की सूझबूझ से हाथियों को सुरक्षित खेत की ओर खदेड़ कर गांव से बाहर निकाला गया, जिससे और अधिक नुकसान टला।

वन विभाग की टीम ने की मदद, हाथियों को सुरक्षित निकाला गया
हाथियों को नियंत्रण में रखने और गांव से बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम भी रात के अंधेरे में सक्रिय रूप से काम करती रही। वन अधिकारियों ने हाथियों को नुकसान से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए और उन्हें सुरक्षित दिशा में ले जाकर जंगल की ओर मोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई में पंचायत मुखिया शब्बीर आलम और वन विभाग के बीच अच्छा समन्वय देखा गया। इस संयुक्त प्रयास से एक बड़ी विपदा को टाला गया और गांव में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे।
टूटे बाउंड्री वाल और बर्बाद फसलों का निरीक्षण
घटना के बाद पंचायत मुखिया शब्बीर आलम ने खुद गांव में घूमकर टूटे बाउंड्री वाल, बर्बाद फसलों और संपत्ति के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं समझीं और तुरंत संबंधित विभागों से मांग की कि खेतों और संपत्ति के नुकसान का औपचारिक सर्वे किया जाए। इसके बाद प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि कोई भी परिवार आर्थिक संकट में न फंसे। शब्बीर आलम ने कहा कि हाथियों और मनुष्यों के बीच संघर्ष को रोकना जरूरी है, लेकिन किसानों के हक की रक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने जताया पंचायत मुखिया की प्रशंसा और वन विभाग की भूमिका की सराहना
ग्रामीणों ने पंचायत मुखिया शब्बीर आलम की तत्परता और नेतृत्व की खुले दिल से प्रशंसा की। उनका कहना है कि संकट के समय मुखिया की सक्रियता और सूझबूझ ने बड़ी आपदा को टाल दिया। साथ ही वन विभाग की टीम की मदद से हाथियों को सुरक्षित बाहर निकालना भी सराहनीय रहा। अब सभी ग्रामीण आशा कर रहे हैं कि विभागीय स्तर पर नुकसान का उचित मुआवजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के साथ सह-अस्तित्व जरूरी है, लेकिन इसके लिए उचित प्रबंधन भी आवश्यक है।

