Jharkhand से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस थाना प्रभारी को उसी के थाने से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने की। गुमला जिले के चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार ने महज चार दिन पहले ही अपना पदभार संभाला था और 96 घंटे के भीतर ही वह भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए। एसीबी की टीम ने उन्हें 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को शर्मसार किया बल्कि पूरे इलाके में सनसनी भी फैला दी। लोग हैरान हैं कि जिस अधिकारी से कानून व्यवस्था की उम्मीद थी वही कानून तोड़ते हुए नजर आया।
जानकारी के अनुसार शैलेश कुमार ने रविवार को चैनपुर थाना प्रभारी का कार्यभार संभाला था। आरोप है कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती थाना प्रभारी अशोक कुमार के साथ मिलकर एक ग्रामीण जयपाल नायक से रिश्वत की मांग की। जयपाल नायक अपने निजी मकान के निर्माण के लिए ईंट पकाना चाहता था। इसी बात को लेकर पुलिस अधिकारियों ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया और अनुमति देने के बदले पैसे मांगे। जयपाल नायक रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था लेकिन लगातार हो रही प्रताड़ना और दबाव से वह परेशान हो गया। पुलिस की इस हरकत से आहत होकर उसने आखिरकार एंटी करप्शन ब्यूरो का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया।
जयपाल नायक की शिकायत पर एसीबी ने पूरे मामले की जांच की और बुधवार को एक ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही जयपाल नायक ने 30 हजार रुपये की रिश्वत शैलेश कुमार को दी वैसे ही एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी चैनपुर थाना परिसर में ही हुई जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग और पुलिसकर्मी भी इस कार्रवाई से स्तब्ध रह गए। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी चाहे कितना ही नया या प्रभावशाली क्यों न हो उस पर कार्रवाई तय है। इस मामले की आगे की जांच भी जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में एसीबी ने इस तरह की बड़ी कार्रवाई की हो। इससे पहले 2 जनवरी 2025 को एसीबी की टीम ने रांची के सदर अंचल अधिकारी मुंशी राम को 37 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उनके आवास पर छापेमारी भी की गई थी जहां से करीब 11.42 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ है कि एसीबी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। चैनपुर थाना प्रभारी की गिरफ्तारी ने आम जनता के बीच यह संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और भ्रष्टाचार करने वालों को जल्द या देर से सजा जरूर मिलेगी।

