Jharkhand: देश की आध्यात्मिक पहचान का केंद्र बिंदु और प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग सोमनाथ अपने पुनरुद्धार की 1000वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने इसे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। शनिवार को राज्य के बीजेपी नेता, सभी मंडल अध्यक्ष, राज्य कार्यकारिणी सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने नजदीकी शिव मंदिरों में जाकर भगवान शिव की आरती की और जलाभिषेक अर्पित किए। यह पर्व न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता को भी मजबूत करता है।
BJP के राज्य अध्यक्ष और विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने न केवल भारत की समृद्धि लूटी, बल्कि देश के गौरव के प्रतीकों पर भी हमला किया। महमूद गज़नी ने सोमनाथ मंदिर से हीरे, जवाहरात, सोना और चांदी लूटी, साथ ही अनोखे सोमनाथ शिवलिंग को भी क्षतिग्रस्त किया। उन्होंने कहा कि यह हमला भारत की आत्मा पर था, लेकिन भारत की सांस्कृतिक चेतना फिर से जाग उठी। इसी क्रम में राज्य कार्यकारिणी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने अपने पैतृक गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके अलावा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने रांची हिल के पहाड़ी बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना की और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
रांची के पिस्का मोड़ स्थित शिव मंदिर में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भगवान महादेव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन धर्म का पुनरुत्थान हो रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर रांची के विधायक सीपी सिंह, महानगरीय बीजेपी अध्यक्ष वरुण साहू, सत्यानारायण सिंह, सुकेदव नगर मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे, पंडारा मंडल अध्यक्ष अशोक मुंडा, और सैकड़ों शिव भक्त उपस्थित थे। भाजपा ने इस अवसर पर विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया, जिसमें हैदरनगर मंडल ने कई शिव मंदिरों की सफाई कराई और पूजा-अर्चना की। यह आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह से परिपूर्ण रहा।
स्वाभिमान सोमनाथ पर्व-2026 के तहत पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को सदना के शिव शक्ति धाम मंदिर में पूजा-अर्चना और ओंकार मंत्र जाप किया। सांसद ने बताया कि यह कार्यक्रम देश के अधिकतर शिव मंदिरों में जनभागीदारी के साथ मनाया जा रहा है ताकि सोमनाथ मंदिर की अखंडता बनी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि 11 जनवरी को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर पर सहस्र संकल्प यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसे पूरे वर्ष चलने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत माना जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी 1026 में महमूद गज़नी ने इस मंदिर पर हमला किया था। 2026 में इस धर्म और सभ्यता के महान प्रतीक पर हुए इस क्रूर आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ है। पिछले हजार वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अपनी भव्यता और महिमा के साथ स्थिर है।

