Jharkhand के सारंडा जंगल से बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने जंगलों में गुरुवार सुबह से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अब तक 10 से 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस मुठभेड़ ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जंगलों में रुक रुक कर गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल है और प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
सूत्रों के अनुसार यह मुठभेड़ प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई माओवादी के कुख्यात एनाल दस्ते से हुई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों को खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर इलाके में घेराबंदी की गई। जैसे ही सुरक्षा बल आगे बढ़े नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अब तक 5 से 7 नक्सलियों के मारे जाने की प्रारंभिक पुष्टि हुई थी लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 10 से 12 तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि अभी नहीं की गई है। मुठभेड़ स्थल बेहद दुर्गम और जंगलों से घिरा हुआ है जिससे ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
इस मुठभेड़ में जिस नक्सली के मारे जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है वह एनाल है। उसका असली नाम एनाल उर्फ तूफान उर्फ पाटीराम मांझी उर्फ पाटीराम मरांडी उर्फ रमेश बताया गया है। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहबाले गांव का रहने वाला था। एनाल के पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी बताया गया है। वह संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर था और लंबे समय से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। माना जा रहा है कि उसकी मौत नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उसकी पहचान की पुष्टि नहीं की है।
कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है। उन्होंने कहा कि इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन है इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नक्सलियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को सील कर दिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। तलाशी अभियान लगातार चल रहा है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी। इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है और आने वाले समय में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं।

