uangtogel

23 C
Delhi
Saturday, January 24, 2026
HomejharkhandJharkhand के जंगलों में हाथियों का आतंक, विभाग ने अब तक कोई...

Jharkhand के जंगलों में हाथियों का आतंक, विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया

Jharkhand के पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में जंगली हाथियों के आतंक ने एक बार फिर जानलेवा रूप ले लिया है। एक दिल दहला देने वाले हाथी के हमले में एक पिता, पुत्र और पुत्री सहित तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कुंद्रा बहदान, कोडमा बहदान और समु बहदान के रूप में हुई है। यह दर्दनाक घटना पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर चुकी है। इस हमले में एक लड़की जिंगी बहदान गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसे प्राथमिक चिकित्सा के बाद बेहतर उपचार के लिए राउरकेला, ओडिशा रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि घायल लड़की को सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मृतकों के परिवारों को 20,000 रुपये का तत्काल मुआवजा दिया। आवश्यक कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। इस क्षेत्र में हाथियों के हमलों से अब तक कुल 13 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से 6 मौतें केवल गोइलकेरा प्रखंड में हुई हैं। लगातार हो रहे इन हमलों ने ग्रामीणों के दिलों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। ग्रामीण वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं कि हाथियों के आतंक को रोकने के लिए ठोस योजना क्यों नहीं बनाई जा रही है।

हाथी के हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने स्थानीय लोगों को गहरे आहत और नाराज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग हाथियों के खतरे से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। मुआवजे की रकम भी बहुत कम और असंतोषजनक है, जो परिवारों के दुख को कम करने में असमर्थ साबित हो रही है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग हाथियों के आतंक को खत्म करने के लिए विशेष कार्रवाई करे और प्रभावित परिवारों को बेहतर सहायता प्रदान करे।

अब तक वन विभाग की ओर से इस दर्दनाक घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और न ही क्षेत्र में हाथियों की समस्या से निपटने के लिए कोई स्पष्ट रणनीति सार्वजनिक की गई है। वन विभाग की निष्क्रियता के कारण लोग असहज महसूस कर रहे हैं और वन अधिकारियों पर कार्य में लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का आतंक केवल जान-माल का नुकसान नहीं बल्कि उनकी जीवनशैली को भी प्रभावित कर रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि वन विभाग कब तक इस गंभीर समस्या का समाधान करेगा और हाथियों के आतंक से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

Neha Yadav
Neha Yadavhttp://jharkhandnews.com
नेहा यादव पिछले पाँच वर्षों से एक प्रतिभाशाली और समर्पित न्यूज़ आर्टिकल राइटर के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से शोध कर, समाचारों को सटीक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अपना अनूठा अंदाज विकसित किया है। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और आकर्षक है जिससे पाठकों को जानकारी समझने में आसानी होती है। नेहा हर दिन नवीनतम घटनाओं और विषयों पर अपडेट रहती हैं और उन्हें व्यापक दृष्टिकोण से दर्शाने का प्रयास करती हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें न्यूज़ वेबसाइट पर विश्वसनीय और सम्मानित लेखक बना दिया है। वे लगातार समाज के मुद्दों को उजागर करने और जागरूकता फैलाने में योगदान दे रही हैं।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

www.designartgraphic.comspot_img

Most Popular

Recent Comments

https://www.breaknwaves.com/watersport_rentals.php

barudak88

mahjong slot

slot gacor 777

togel china

https://therealicyspot.com/is-italian-ice-healthier-than-ice-cream/ https://therealicyspot.com/is-italian-ice-keto-friendly/