कृष्णानगर की रैली में PM Modi ने शांतिपूर्ण मतदान की सराहना की, चुनाव आयोग और कर्मचारियों को दिया श्रेय
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कृष्णानगर में आयोजित विजय संकल्प सभा में बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि 4 मई को राज्य में बीजेपी की जीत का जश्न मनाया जाएगा, जिसमें मिठाई और झालमुड़ी बांटी जाएगी। पीएम ने शांतिपूर्ण मतदान को लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि बताया और चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना की।
पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णानगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने आत्मविश्वास से भरे अंदाज में कहा कि 4 मई को जीत का जश्न मनाया जाएगा और जनता के बीच मिठाई और झालमुड़ी बांटी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में बदलाव की लहर स्पष्ट दिखाई दे रही है और जनता इस बार निर्णायक वोट देने के लिए तैयार है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में मतदान हो रहा है और यह लोकतंत्र का उत्सव है। उन्होंने सभी मतदाताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार वोटिंग के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए।
उन्होंने कहा,
“मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे अपने अधिकार का इस्तेमाल करें और अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें।”
अपने भाषण में पीएम मोदी ने इस बार चुनाव के दौरान हिंसा में कमी को लेकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में यह पहला मौका है जब चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले हर सप्ताह हिंसा की घटनाएं सामने आती थीं, लेकिन इस बार स्थिति काफी बेहतर है। पीएम ने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल में लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोग के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
पीएम मोदी ने कहा,
“मैं चुनाव आयोग का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने बंगाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया। सरकारी कर्मचारियों ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वे जनता के बीच जीत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। “विजय का जश्न” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर बीजेपी अपने समर्थकों में उत्साह भरने की कोशिश कर रही है।
साथ ही, शांतिपूर्ण चुनाव पर जोर देकर पार्टी खुद को लोकतंत्र के पक्षधर के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। एक तरफ सत्ताधारी दल अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाने का दावा कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला कड़ा है और अंतिम परिणाम मतदाताओं के रुझान पर निर्भर करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान चुनावी माहौल को और गरमा गया है। 4 मई को परिणाम आने के बाद ही साफ होगा कि उनका “विजय का जश्न” वाला दावा कितना सही साबित होता है। फिलहाल, बंगाल की जनता का फैसला ही राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगा।
