Jharkhand News: देशभर के नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर 1 अप्रैल 2026 से सफर महंगा होने जा रहा है। सरकार ने टोल टैक्स में 4 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है, जिसका असर आम यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों दोनों पर पड़ेगा। इस फैसले के तहत झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित मैथन टोल प्लाजा सहित सभी प्रमुख टोल प्लाजाओं पर नई दरें लागू होंगी। बढ़ी हुई दरों से यात्रा लागत में इजाफा होगा और इसका सीधा असर लोगों की जेब पर दिखाई देगा।
मैथन टोल प्लाजा पर नई दरें लागू, हर वाहन पर असर
मैथन टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को अब ₹5 से ₹15 तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। नई दरों के अनुसार 12 से 16 पहियों वाले बड़े वाहनों का टोल ₹655 से बढ़कर ₹670 कर दिया गया है। भारी निर्माण वाहनों के लिए यह शुल्क ₹640 से ₹650 हो गया है। वहीं ट्रक और बसों के लिए टोल ₹345 से बढ़ाकर ₹350 किया गया है। कार चालकों को भी अब ₹100 के बजाय ₹105 चुकाने होंगे। टोल प्रबंधन ने इन बदलावों को लागू करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
लोकल वाहनों और मासिक पास में भी बढ़ोतरी
इस बार बढ़ोतरी का असर सिर्फ बाहरी वाहनों पर ही नहीं बल्कि स्थानीय वाहनों पर भी पड़ा है। लोकल वाहनों के टोल में ₹5 की वृद्धि की गई है। इसके तहत लोकल बड़े वाहनों का शुल्क ₹330 से ₹335 हो गया है। वहीं लोकल बस और ट्रक का टोल ₹170 से बढ़ाकर ₹175 कर दिया गया है। छोटे वाहनों के लिए यह शुल्क ₹50 से बढ़ाकर ₹55 किया गया है। इसके अलावा मासिक पास की दर भी ₹350 से बढ़ाकर ₹360 कर दी गई है, जिससे नियमित यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
कैश खत्म, अब FASTag और UPI से ही होगा भुगतान
टोल प्लाजा प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार का भुगतान नकद में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी वाहन चालकों को FASTag या UPI के माध्यम से ही टोल शुल्क देना होगा। यदि कोई वाहन बिना टोल दिए निकलता है या भुगतान नहीं करता है, तो उसे SMS और ईमेल के जरिए नोटिस भेजा जाएगा। समय पर भुगतान न करने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रबंधन द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि नई व्यवस्था को लेकर कोई परेशानी न हो।
