Ranchi Air Ambulance Accident: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार को एयर एम्बुलेंस दुर्घटना ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया। रांची से दिल्ली जा रही ‘रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड’ की बीचक्राफ्ट C90 एयर एम्बुलेंस सिमरिया जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में विमान में सवार सभी सात लोग मारे गए। मृतकों में मरीज, उसके परिवार के सदस्य, पायलट, सह-पायलट, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल थे। यह दुर्घटना चिकित्सा यात्रा के दौरान हुए सबसे दुखद हादसों में से एक मानी जा रही है।
मरीज और परिवार की दुखद कहानी
हादसे में मृत मरीज संजय कुमार (41) चंदवा, लेटहार जिले के निवासी थे। वह धाबा चलाते थे और कुछ दिन पहले हुए दुर्घटना में उन्हें लगभग 65 प्रतिशत जल गए थे। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती किया गया था। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली रेफर किया। परिवार ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की, लेकिन यह यात्रा उनके लिए अंतिम साबित हुई। उनके साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और भांजा धुरु कुमार भी यात्रा कर रहे थे, जो सभी इस हादसे में मारे गए। उनके दो बेटे, शुभम (17) और शिवम (13), अनाथ हो गए। गांव में इस हादसे की खबर से शोक की लहर फैल गई है।
उड़ान और दुर्घटना का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, एयर एम्बुलेंस शाम 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई। उड़ान भरने के लगभग 23 मिनट बाद, 7:34 बजे, विमान का कोलकाता एटीसी से संपर्क अचानक टूट गया। बाद में यह पता चला कि विमान सिमरिया क्षेत्र, चतरा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मृतकों की पहचान पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, सह-पायलट कैप्टन सवराजदीप सिंह, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, मरीज संजय कुमार, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई। यह हादसा चिकित्सा और प्रशासनिक दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर माना जा रहा है।
DGCA जांच और संभावित कारण
डॉ. विकास कुमार गुप्ता, जो मरीज की देखभाल के लिए विमान में थे, खुद भी इस हादसे में शिकार हो गए। प्रारंभिक जांच में खराब मौसम, भारी वर्षा और कम दृश्यता को संभावित कारण बताया गया है। हालांकि, सटीक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जा सकेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता चलने के बाद भविष्य में ऐसी यात्राओं को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े उपाय किए जाएंगे।
