Jharkhand News: पांकी पुलिस थाना क्षेत्र के द्वारका इलाके में महाशिवरात्रि मेले के दौरान गोलगप्पे खाने से 25 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। सभी बच्चों ने उल्टी, दस्त और निर्जलीकरण की शिकायत की। अधिकतर बच्चों का इलाज गांव स्तर पर किया जा रहा है। घटना से गांव में भय और चिंता का माहौल बन गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम हुई मौके पर तैनात
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव रवाना हो गई। यदि आवश्यकता पड़ी तो बच्चों को कमीुनिटी हेल्थ सेंटर ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी भेजी गई। पांकी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि कई बच्चों की तबियत बिगड़ी हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। कुछ ग्रामीण अपने बच्चों का स्थानीय स्तर पर इलाज भी कर रहे हैं।
मेले में गोलगप्पे खाने वाले बच्चों में अचानक बीमारी
रघुआखड़, द्वारका में महाशिवरात्रि के अवसर पर मेला आयोजित किया गया था। मेले में द्वारका, यादव टोला और आसपास के गांवों के बच्चे, जिनमें जमुआतंद भी शामिल हैं, गोलगप्पे खा रहे थे। रविवार रात से बच्चों की तबियत एक-एक करके खराब होने लगी। सोमवार सुबह कई बच्चों की स्थिति गंभीर हो गई। इस पर ग्रामीणों ने तुरंत कमीुनिटी हेल्थ सेंटर, पांकी को सूचना दी।
माता-पिता और ग्रामीण भी बच्चों के इलाज में जुटे
द्वारका निवासी ध्रुव कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके पुत्र ने भी मेले में गोलगप्पे खाए थे, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ गई। उनका इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के कई अन्य बच्चे भी बीमार हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा और इलाज को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। डॉ. महेंद्र प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच जारी है और आवश्यकतानुसार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

