Ranchi: शनिवार सुबह पुरी के पिंक हाउस क्षेत्र में समुद्र स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने रांची के एक प्रमुख RSS परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। कुशुम गुप्ता (45) और उनके इकलौते बेटे अंकित गुप्ता (20) समुद्र में डूब गए। बताया जा रहा है कि कुशुम डूब रही थीं, तो बेटे ने अपनी मां को बचाने के लिए बहादुरी से कूद पड़े, लेकिन दोनों ही समुद्र की तेज लहरों में बह गए। स्थानीय मछुआरों और निजी लाइफगार्ड्स ने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। अंकित एक होनहार छात्र और सामाजिक रूप से सक्रिय युवक थे, जिनकी अचानक मौत से परिवार और समुदाय गहरे शोक में हैं।
रिप करंट: समुद्र की वह Invisible ताकत जो जानलेवा साबित हुई
घटना के पीछे रिप करंट का हाथ माना जा रहा है, जो समुद्र की सतह के नीचे एक तेज़ और संकीर्ण प्रवाह होता है, जो किनारे से दूर गहरे पानी की ओर खींचता है। अक्सर समुद्र का वह हिस्सा जहाँ पानी शांत दिखता है, वहां यह रिप करंट सबसे खतरनाक होता है। इसी कारण कई पर्यटक उस क्षेत्र को सुरक्षित समझकर समुद्र में उतर जाते हैं और फंसे रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई रिप करंट में फंस जाए तो सीधे किनारे की ओर तैरने की बजाय किनारे के समानांतर तैरना चाहिए। इससे शरीर की ऊर्जा बचती है और डूबने का खतरा कम होता है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग, प्रशासन को कड़ी सलाह
इस दुखद हादसे के बाद स्थानीय लोग और सुरक्षा विशेषज्ञ प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। सबसे पहले, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों को ‘रेड फ्लैग जोन’ घोषित कर वहां लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। समुद्र तट पर डिजिटल वार्निंग बोर्ड लगाए जाएं, जो वास्तविक समय में मौसम और लहरों की तीव्रता की जानकारी दें। साथ ही, हर 200 मीटर पर लाइफगार्ड टावर लगाना जरूरी है ताकि खतरे के समय तुरंत मदद मिल सके। पीक घंटों में ड्रोन निगरानी भी प्रभावी साबित हो सकती है, जिससे समुद्र की गहराई और पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
रांची RSS परिवार के लिए अपूरणीय क्षति और चेतावनी
रांची के धुर्वा इलाके में RSS कार्यकर्ताओं का यह परिवार इस हादसे से गहरे सदमे में है। अंकित और उनकी मां का यह अटूट और बलिदानी रिश्ता इतिहास के पन्नों में दर्दनाक याद के रूप में दर्ज होगा। इस त्रासदी ने समुद्र का आनंद लेते वक्त सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है। प्रशासन और पर्यटक दोनों को सतर्क रहना होगा ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों। यह घटना हमें समुद्र की शक्तियों का सम्मान करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख देती है।
