Jharkhand News: झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दो नाबालिग सहेलियों को बहला-फुसलाकर एक ट्रक के खलासी द्वारा बंगाल ले जाने और वहां उनके साथ दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि पुलिस की तत्परता और सतर्कता के चलते दोनों लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। साथ ही इस कांड में शामिल ट्रक ड्राइवर और खलासी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति समाज और परिवारों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करती है।
तिसरी थाना प्रभारी रंजय कुमार और खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने इस मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू की। शुरुआत में अपहरण के शक के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और पश्चिम बंगाल के हल्दीया तक छापेमारी के लिए टीम भेजी। हालांकि, पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही आरोपी लड़कियों को लेकर वहां से निकल चुके थे। इस परिस्थिति में पुलिस ने हार नहीं मानी और पूरे इलाके में छानबीन तेज कर दी। तिसरी थाना प्रभारी की पूरी रात चलने वाली सतर्कता और मेहनत ने अंततः इस मामले में सफलता दिलाई।
पूरी रात पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया और गिरिडीह के डुमरी टोल प्लाजा पर गाड़ियों की सख्त जांच शुरू की। इसी दौरान एक ट्रक से आरोपी ड्राइवर अमित कुमार यादव और खलासी छोटेलाल यादव को हिरासत में लिया गया। आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि दोनों नाबालिग लड़कियों को धनबाद के बरवड्डा इलाके में उतार दिया गया है। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत बरवड्डा पहुंची और वहां से दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। आरोपी भी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। पुलिस की इस तेज कार्रवाई ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
यह घटना नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर परिवारों और समाज को एक गंभीर चेतावनी है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें इस तरह के खतरों से बचाने के लिए सतर्क रहें। साथ ही, समाज और प्रशासन को भी मिलकर नाबालिगों के संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। पुलिस की तत्परता और समर्पण से इस बार दो नाबालिगों को बचाया जा सका, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी की जिम्मेदारी बनती है। नाबालिगों के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि कोई भी बच्चा इस तरह के खतरों का शिकार न हो।
