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NEET Re-Exam 2026 : धनबाद में सख्त सुरक्षा के बीच हुई नीट पुनर्परीक्षा, जूते और दुपट्टे के साथ नहीं मिली एंट्री

NEET Re-Exam 2026 : सात परीक्षा केंद्रों पर करीब 4 हजार अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, बायोमेट्रिक जांच और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुआ NEET Re-Exam

NEET Re-Exam 2026 : धनबाद में आयोजित NEET Re-Exam 2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियमों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के जूते, दुपट्टे, चेन और अन्य आभूषण उतरवाए गए। जिले के सात केंद्रों पर लगभग चार हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।

NEET Re-Exam 2026 : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की पुनर्परीक्षा रविवार को धनबाद जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त दिशा-निर्देशों के बीच आयोजित की गई। मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा में लगभग चार हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई, जबकि निर्धारित नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए।

परीक्षा को लेकर प्रशासन और परीक्षा एजेंसी की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

सुबह से ही केंद्रों पर पहुंचने लगे छात्र

परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही छात्र अपने अभिभावकों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। सुबह 11 बजे से ही विभिन्न केंद्रों के बाहर छात्रों की भीड़ देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अभिभावकों को परीक्षा केंद्र से लगभग 100 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया।

इसके बाद छात्रों को दो चरणों की गहन जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। सबसे पहले उनके आधार कार्ड और आवेदन पत्र के दौरान ली गई लाइव तस्वीर की फोटोकॉपी का मिलान किया गया। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही छात्रों को आगे बढ़ने की अनुमति मिली।

बायोमेट्रिक और आईरिस स्कैनिंग से हुई पहचान

परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सभी परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक जांच की गई। छात्रों की दसों उंगलियों के निशान लिए गए और आंखों की पुतलियों (आईरिस) की भी जांच की गई। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद छात्र अपनी निर्धारित सीटों पर जाकर बैठ गए। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर पूरी तरह अनुशासन और शांति का माहौल देखने को मिला।

जूते, दुपट्टे और आभूषणों पर रहा प्रतिबंध

आईआईटी आईएसएम परीक्षा केंद्र में कई छात्र जूते पहनकर पहुंचे थे। जांच के दौरान उन्हें जूते बाहर ही उतारने पड़े। वहीं छात्राओं को भी परीक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना पड़ा।

कई छात्राएं दुपट्टा पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, लेकिन उन्हें दुपट्टे के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा अधिकारियों ने छात्राओं को अपने दुपट्टे परिजनों को सौंपने का निर्देश दिया। इसके अलावा गले में पहनी गई चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण भी उतरवाए गए।

परीक्षा एजेंसी के निर्देशों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, धातु से बने सामान और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने पर पूरी तरह रोक थी।

परीक्षा के दौरान दिखा भावुक माहौल

आईआईटी आईएसएम केंद्र पर एक छात्रा काफी घबराई हुई दिखाई दी। वह बार-बार केंद्र के अंदर जाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मानसिक दबाव के कारण वापस लौट आती थी। कुछ समय बाद वह एक स्थान पर बैठकर रोने लगी।

परिजनों और अधिकारियों ने उसे समझाया और उसका मनोबल बढ़ाया। बाद में वह परीक्षा देने के लिए अंदर गई। परिजनों ने बताया कि उसने पहले भी नीट परीक्षा दी थी और उसका पेपर अच्छा गया था, लेकिन पुनर्परीक्षा को लेकर वह तनाव में थी।

कई परीक्षा केंद्रों पर भावुक दृश्य भी देखने को मिले। छात्र-छात्राएं परीक्षा भवन में प्रवेश करने से पहले अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आए। यह दृश्य विशेष रूप से बीबीएमकेयू, केंद्रीय विद्यालय-1 विनोद नगर और आईआईटी आईएसएम केंद्रों पर देखने को मिला।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा जिला पुलिस के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे।

किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नकल की संभावना को रोकने के लिए केंद्रों के बाहर और अंदर लगातार निगरानी रखी गई। प्रशासन ने परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा था।

जामताड़ा और गिरिडीह से भी पहुंचे अभ्यर्थी

एसएसएलएनटी महिला कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थियों की काफी भीड़ देखने को मिली। यहां धनबाद के अलावा जामताड़ा, गिरिडीह और आसपास के जिलों से भी छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे।

अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र के बाहर कई घंटों तक अपने बच्चों का इंतजार किया। गर्मी और उमस के बावजूद बड़ी संख्या में लोग केंद्रों के बाहर मौजूद रहे।

सात केंद्रों पर हुई परीक्षा

धनबाद जिले में NEET Re-Exam के लिए कुल सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें आईआईटी आईएसएम, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू), बीआईटी सिंदरी, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर, डिग्री कॉलेज जामाडोबा और केंद्रीय विद्यालय-1 विनोद नगर शामिल थे।

इन सातों केंद्रों पर करीब चार हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। सबसे अधिक 960 परीक्षार्थी आईआईटी आईएसएम केंद्र में शामिल हुए। इसके बाद बीबीएमकेयू में 720 और आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर में लगभग 500 छात्रों ने परीक्षा दी। शेष चार केंद्रों पर 1500 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

15 मिनट अतिरिक्त समय मिला

इस बार नीट पुनर्परीक्षा में छात्रों को उत्तर लिखने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे तक चली। अतिरिक्त समय मिलने से छात्रों को प्रश्नों का उत्तर अधिक व्यवस्थित तरीके से लिखने में मदद मिली।

झारखंड में MBBS की 730 सीटों पर होगी प्रतियोगिता

NEET परीक्षा के स्कोर के आधार पर छात्रों को देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। झारखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की बात करें तो राज्य के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 730 सीटें उपलब्ध हैं।

ऐसे में परीक्षा देने वाले हजारों छात्रों के लिए यह परीक्षा उनके मेडिकल करियर की दिशा तय करने वाली साबित होगी। अब अभ्यर्थियों की निगाहें परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

धनबाद में आयोजित यह पुनर्परीक्षा कड़े सुरक्षा मानकों और व्यवस्थित प्रबंधन के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रशासन और परीक्षा एजेंसी की ओर से किए गए इंतजामों की वजह से परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न होने में सफलता मिली।

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