Jharkhand Accident News : मिशन चौक के पास तेज रफ्तार बॉक्साइट ट्रक ने स्कूटी सवार तीन भाई-बहनों को कुचला, पूरे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम
Jharkhand Accident News : झारखंड के लोहरदगा में हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मिशन चौक के पास एक तेज रफ्तार बॉक्साइट ट्रक ने स्कूटी सवार तीन भाई-बहनों को कुचल दिया, जिससे दो बहनों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भाई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Jharkhand Accident News : झारखंड के लोहरदगा जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। शनिवार को शहर के मिशन चौक के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों की मौत हो गई। तेज रफ्तार और कथित रूप से गलत दिशा से आ रहे बॉक्साइट ट्रक ने स्कूटी सवार भाई और उसकी दो बहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयावह था कि दो बहनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भाई ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया।
इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार लोहरदगा के बरवा टोली निवासी मुकेश कुमार साहू का पुत्र रोहित कुमार साहू अपनी दो बहनों सपना साहू और सृष्टि साहू को स्कूटी से लेकर कृषि बाजार के पास स्थित साहू धर्मशाला जा रहा था। तीनों भाई-बहन किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही वे मिशन चौक के पास पहुंचे, उसी दौरान गुमला की ओर से आ रहा एक बॉक्साइट ट्रक तेज गति से वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक कथित रूप से गलत दिशा में चल रहा था। इससे पहले कि स्कूटी सवार कुछ समझ पाते, ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और तीनों उसके नीचे आ गए।
मौके पर ही चली गई दो बहनों की जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सपना साहू और सृष्टि साहू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों बहनों को बचाने का कोई मौका नहीं मिल सका। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल रोहित कुमार साहू को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
रोहित की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार के सपनों के टूटने की कहानी भी है। मृतकों के पिता मुकेश कुमार साहू मजदूरी और मोटिया का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही मजबूत नहीं थी।
बताया जाता है कि मुकेश साहू के परिवार में यही दो बेटियां और एक बेटा थे। तीनों बच्चों की मौत के बाद परिवार में कोई युवा सदस्य नहीं बचा है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बच्चों की हंसी-खुशी गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
घटना के बाद परिजनों और रिश्तेदारों का दर्द देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।
आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
दुर्घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मिशन चौक पहुंच गए। लोगों में ट्रक चालक और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और मनमानी लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। लोगों ने मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा देने, दोषी चालक की तत्काल गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं दुर्घटना में शामिल ट्रक और उसके चालक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
लोहरदगा की यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। झारखंड के विभिन्न जिलों में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार दुर्घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना होगा। गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से ड्राइविंग जैसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
पूरे राज्य में शोक की लहर
लोहरदगा के मिशन चौक पर हुआ यह दर्दनाक हादसा पूरे झारखंड के लिए एक दुखद घटना बन गया है। एक ही परिवार के तीन बच्चों की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियां छीन सकती है।
