IIT ISM Dhanbad QS World University Ranking : क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 701-710 रैंक बैंड में शामिल हुआ आईआईटी आईएसएम धनबाद, शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में बढ़ी वैश्विक पहचान।
IIT ISM Dhanbad QS World University Ranking : आईआईटी आईएसएम धनबाद ने अपने 100 वर्षों के इतिहास में पहली बार QS World University Ranking 2027 में स्थान बनाकर नया इतिहास रचा है। संस्थान को 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में जगह मिली है, जिससे इसकी शिक्षा, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा को नई पहचान मिली है।
झारखंड और देश के लिए गर्व का विषय बनते हुए आईआईटी आईएसएम धनबाद ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने पहली बार प्रतिष्ठित QS World University Ranking 2027 में स्थान बनाकर अपने सौ वर्षों के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। दुनिया भर के हजारों विश्वविद्यालयों के बीच आईआईटी आईएसएम धनबाद को 701-710 वैश्विक रैंक बैंड में शामिल किया गया है, जो इसकी बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे झारखंड राज्य और भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से खनन, भूविज्ञान और इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाला यह संस्थान अब वैश्विक विश्वविद्यालयों की सूची में भी सम्मानजनक स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है।
देश के 52 संस्थानों में शामिल, IIT श्रेणी में भी मजबूत प्रदर्शन
क्वाक्वारेली साइमंड्स (QS) द्वारा जारी ताजा वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारत के कुल 52 संस्थानों को स्थान मिला है। इनमें आईआईटी आईएसएम धनबाद ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देशभर में 21वां स्थान प्राप्त किया है।
वहीं रैंकिंग में शामिल 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के बीच आईआईटी आईएसएम धनबाद ने 11वां स्थान हासिल किया है। यह दर्शाता है कि संस्थान लगातार अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध गतिविधियों को बेहतर बनाने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने बताया ऐतिहासिक क्षण
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक Prof. Sukumar Mishra ने खुशी व्यक्त करते हुए इसे पूरे आईआईटी (आईएसएम) परिवार के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि पहली बार QS World University Ranking में शामिल होना संस्थान के शिक्षकों, शोधकर्ताओं, छात्रों, कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में संस्थान वैश्विक स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करेगा तथा उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा।
प्रो. मिश्रा के अनुसार संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसका परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में दिखाई दे रहा है।
शताब्दी वर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता
कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की डीन Prof. Rajni Singh ने कहा कि शताब्दी यात्रा पूरी कर चुके संस्थान के लिए यह उपलब्धि बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि यह सफलता केवल एक रैंकिंग नहीं है, बल्कि संस्थान की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। इससे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे। साथ ही दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्र और शोधकर्ता भी संस्थान की ओर आकर्षित होंगे।
शोध और अनुसंधान में उत्कृष्ट प्रदर्शन
QS World University Ranking में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है। इनमें शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, शोध प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात और सस्टेनेबिलिटी जैसे कई पैरामीटर शामिल होते हैं।
आईआईटी आईएसएम धनबाद ने विशेष रूप से शोध और अनुसंधान से जुड़े क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
संस्थान को:
- Citations per Faculty श्रेणी में 87.3 अंक
- International Research Network श्रेणी में 43.2 अंक
- Sustainability श्रेणी में 57.5 अंक
प्राप्त हुए हैं।
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि संस्थान का शोध कार्य केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।
माइनिंग और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में पहले से है मजबूत पहचान
आईआईटी आईएसएम धनबाद लंबे समय से खनन और भूविज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में गिना जाता रहा है। हाल के वर्षों में संस्थान ने कई वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
QS World University Ranking by Subject 2026 में संस्थान को Mineral and Mining Engineering विषय में भारत में पहला और दुनिया में 21वां स्थान मिला था। यह उपलब्धि दर्शाती है कि इस क्षेत्र में संस्थान का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
इसके अलावा:
- Petroleum Engineering को 151-175 वैश्विक रैंक बैंड मिला।
- Mechanical Engineering पहली बार 501-575 वैश्विक रैंक बैंड में शामिल हुई।
इन उपलब्धियों ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि संस्थान वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग में जल्द ही महत्वपूर्ण स्थान बना सकता है।
दक्षिण एशिया रैंकिंग में भी दर्ज कर चुका है सफलता
आईआईटी आईएसएम धनबाद ने इससे पहले QS World University Rankings: Southern Asia 2026 में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उस रैंकिंग में संस्थान को 110वां स्थान प्राप्त हुआ था।
दक्षिण एशिया स्तर पर मिली इस सफलता के बाद अब वैश्विक रैंकिंग में प्रवेश संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संस्थान इसी गति से शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता रहा, तो आने वाले वर्षों में इसकी रैंकिंग और बेहतर हो सकती है।
झारखंड के लिए गर्व का विषय
आईआईटी आईएसएम धनबाद की यह उपलब्धि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। राज्य के छात्रों को अब यह संदेश मिला है कि झारखंड की धरती पर स्थित संस्थान भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता से राज्य में उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की शैक्षणिक पहचान भी मजबूत होगी।
QS World University Ranking 2027 में पहली बार स्थान प्राप्त करना आईआईटी आईएसएम धनबाद की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सफलता संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध क्षमता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नवाचार आधारित विकास का प्रमाण है। आने वाले समय में यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि झारखंड और भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगी।
