झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रही हजारों महिलाओं के दस्तावेजों की जांच के दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले में 4068 महिलाएं अपात्र पाई गई हैं। जांच में सामने आया है कि इन महिलाओं ने कथित रूप से गलत या भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त किया और उनके खातों में लगातार 2500 रुपये प्रति माह की राशि ट्रांसफर होती रही।
प्रशासन द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान में यह पाया गया कि कई लाभार्थी योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करती थीं। इसके बावजूद वे सरकारी सहायता प्राप्त कर रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर ली है। अब इन महिलाओं से अब तक प्राप्त पूरी राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन और गलत जानकारी देने के मामले में कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना ही प्राथमिकता है। इसलिए राज्यभर में लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लाभार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, पात्र महिलाओं के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबित भुगतान को जल्द जारी करने की तैयारी की जा रही है। विशेष रूप से देवघर जिले की लाभुक महिलाओं के खातों में अप्रैल और मई महीने की लंबित राशि 30 जून से पहले भेजी जाएगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी महीनों की किस्तों के लिए राशि का आवंटन पहले ही कर दिया गया है। ऐसे में पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से योजना का लाभ मिलता रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन अभियान से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।
मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। लेकिन हालिया जांच में सामने आए इस खुलासे ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और राज्यव्यापी सत्यापन अभियान के परिणामों पर टिकी हुई है।