Jharkhand E-Cycle Scheme : झारखंड सरकार ने शिक्षा, रोजगार, छात्र सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने पर फोकस
Jharkhand E-Cycle Scheme : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में आवासीय विद्यालयों, ई-साइकिल योजना, रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सरकार ने योजनाओं को अधिक प्रभावी और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
झारखंड मंत्रालय, रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और कल्याणकारी पहलों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं का संचालन पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
बैठक के दौरान ई-कल्याण पोर्टल, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, साइकिल वितरण योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने योजनाओं की प्रगति, लाभुकों की संख्या और क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से लाभान्वित लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से ऋण वितरण, व्यवसाय संचालन, आय और रोजगार सृजन के संबंध में जानकारी ली। लाभुकों ने योजना को आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और लाभुकों के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लाभुकों की समस्याओं की निगरानी और फीडबैक लेने के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का निर्देश भी दिया, ताकि योजनाओं की निगरानी और सहायता प्रणाली को और मजबूत बनाया जा सके।
आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बेहतर सुविधाओं पर जोर
बैठक में गढ़वा, देवघर और साहिबगंज जिलों के अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक संसाधन, आधारभूत संरचना और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और आदिवासी छात्रावासों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल, बिजली, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
विद्यार्थियों को एसआईआर और जनगणना के प्रति जागरूक करने की पहल
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम चलाकर विद्यार्थियों को एसआईआर (Special Intensive Revision) और जनगणना से संबंधित जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जागरूक विद्यार्थी समाज में सूचना वाहक की भूमिका निभा सकते हैं और अपने परिवार तथा समुदाय को भी जागरूक कर सकते हैं। इसके लिए कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों के आयोजन पर जोर दिया गया।
ई-साइकिल योजना पर नई सोच
साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर विद्यार्थियों को ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए विद्यालय तक पहुंच एक बड़ी चुनौती है और ई-साइकिल जैसी सुविधा शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने में मददगार होगी।
इस योजना के लिए कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
कौशल विकास और रोजगार को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं और बाजार की मांग के अनुसार पुनर्गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं बल्कि रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ा होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने, उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करने और युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार के निर्देश
कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों और रिम्स में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे जरूरतमंद मरीजों को पंजीकरण, जांच और इलाज में आसानी होगी।
बैठक में कब्रिस्तान घेराबंदी, पारंपरिक सामुदायिक भवनों के निर्माण और अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
