Ranchi New Rail Corridor : लोधमा से पिस्का तक बनने वाली नई रेल लाइन के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी, हटिया और रांची स्टेशन पर कम होगा दबाव
Ranchi New Rail Corridor : रांची रेल मंडल की महत्वाकांक्षी येलो लाइन परियोजना को नई गति मिली है। राज्य सरकार ने खूंटी जिले में 11 एकड़ से अधिक जमीन रेलवे को सौंपने की मंजूरी दे दी है। 17 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन 2028 तक पूरी होने का लक्ष्य है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और यात्रियों का समय बचेगा।
झारखंड की राजधानी रांची को आने वाले वर्षों में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। रांची रेल मंडल की बहुप्रतीक्षित येलो लाइन परियोजना को बड़ा प्रशासनिक समर्थन मिला है। लोधमा से पिस्का के बीच प्रस्तावित करीब 17 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने खूंटी जिले के बोंगाकुंड और कालू गांव की 11 एकड़ से अधिक जमीन रेलवे को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
इस जमीन के बदले रेलवे द्वारा राज्य सरकार को लगभग 17.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इस परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
2028 तक पूरा करने का लक्ष्य, यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस रेल कॉरिडोर के बन जाने से रांची रेल नेटवर्क की क्षमता में बड़ा विस्तार होगा। वर्तमान में कई ट्रेनों को रांची और हटिया स्टेशन पर लंबा ठहराव या रूट परिवर्तन का सामना करना पड़ता है, जिससे परिचालन प्रभावित होता है।
नई येलो लाइन बनने के बाद कई ट्रेनों को इन स्टेशनों को बाईपास कर सीधे अपने गंतव्य की ओर भेजा जा सकेगा। इससे रेलवे संचालन अधिक सुगम होगा और यात्रियों के समय की भी बचत होगी।
रांची और हटिया स्टेशन पर कम होगा दबाव
रांची और हटिया स्टेशन झारखंड के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिने जाते हैं। लगातार बढ़ते रेल यातायात के कारण इन स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही और प्लेटफॉर्म उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नई रेल लाइन शुरू होने के बाद ट्रेनों के वैकल्पिक रूट उपलब्ध होंगे, जिससे दोनों प्रमुख स्टेशनों पर दबाव कम होगा। इससे ट्रेन संचालन की समयबद्धता में सुधार होगा और यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिल सकती है।
एक घंटे तक कम हो सकता है सफर का समय
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई रेल लाइन का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में कमी के रूप में सामने आ सकता है। कई ट्रेनों को रांची और हटिया होकर गुजरने की मजबूरी खत्म होने पर उनके सफर समय में करीब एक घंटे तक की बचत संभव है।
यह बदलाव न केवल यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि रेलवे की परिचालन लागत और ट्रैक उपयोग क्षमता में भी सुधार करेगा।
पिस्का स्टेशन बनेगा नया रेल हब
इस परियोजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू पिस्का स्टेशन का विकास है। रेलवे भविष्य में पिस्का स्टेशन को बड़े रेल हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।
अगर यह योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो पिस्का, रांची और हटिया के बाद राजधानी क्षेत्र का तीसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन बन सकता है। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे सेवाओं का बेहतर वितरण होगा और यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
झारखंड के विकास में महत्वपूर्ण कदम
रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को झारखंड के औद्योगिक और शहरी विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो जाती है तो आने वाले वर्षों में रांची महानगर क्षेत्र के परिवहन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
रांची येलो लाइन परियोजना सिर्फ एक नई रेल लाइन नहीं बल्कि राजधानी के भविष्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की मजबूत नींव साबित हो सकती है।
