Jharkhand News : झारखंड में नव नियुक्त सहायक आचार्यों और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- गांव-गांव तक पहुंचे विकास योजनाओं का लाभ
Jharkhand News : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार देने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह उत्साह, उमंग और गौरवपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कक्षा 01 से 05 तक के लिए 160 एवं कक्षा 06 से 08 तक के लिए 156 नव नियुक्त सहायक आचार्यों तथा 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। समारोह में बड़ी संख्या में नव नियुक्त अभ्यर्थी और उनके परिजन उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं और आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाएं महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
शिक्षा और रोजगार को लेकर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया है, जबकि पिछले दो वर्षों में 16 हजार से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इसके अलावा पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं।
उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियां प्रभावित हो रही हैं, लेकिन झारखंड सरकार लगातार पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
गांव-गांव तक पहुंचे सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से कहा कि वे सरकार के प्रतिनिधि बनकर गांव-गांव और घर-घर तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि झारखंड का बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। ऐसे में सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीमित दायरे में जीवन जीने वाले लोगों को शिक्षा, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सशक्त बनाना आवश्यक है।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था पर लगे कमजोर व्यवस्था के दाग को मिटाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं, लेकिन ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए शिक्षकों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना होगा।
मंईयाँ सम्मान योजना से महिलाओं का सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ लेकर कई बेटियां आज कलेक्टर जैसे बड़े पदों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को केवल चारदीवारी तक सीमित रखा जाता था। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुछ लोग गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं, तो उसके लिए 90 प्रतिशत जरूरतमंद लोगों को योजना से वंचित नहीं किया जा सकता। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाना है।
दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशने की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि उन्हें ऐसे क्षेत्रों में कार्य करना होगा जहां परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं और उन्हें बेहतर भविष्य देना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में कुपोषण जैसी समस्याएं अभी भी चुनौती बनी हुई हैं और इन समस्याओं को दूर करने में शिक्षकों एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सभी कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे, तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होगा बल्कि पूरा झारखंड मजबूत और विकसित बनेगा।
समारोह में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थियों और उनके परिवार के सदस्यों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी नव नियुक्त अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस प्रकार की खुशी आज उनके परिवारों को मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिलनी चाहिए।
