अप्रैल में ही भीषण गर्मी का कहर, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को किया अलर्ट, बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश
झारखंड में तेजी से बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में पारा 44 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है, वहीं बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में छुट्टी के संकेत दिए गए हैं।
झारखंड में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल महीने में ही राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में यह 44 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने इसे गंभीर स्थिति मानते हुए हीट वेव यानी लू का खतरा बताया है।
राज्य के पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जैसे जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। अगले पांच दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक और बढ़ोतरी का अनुमान है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए झारखंड सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। राज्य के आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों के उपायुक्तों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे और आम लोगों की सुरक्षा में कोई कमी न हो। उन्होंने खुद राज्य की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी है और हर जिले से रिपोर्ट ली जा रही है।
भीषण गर्मी को देखते हुए सबसे ज्यादा चिंता बच्चों की सेहत को लेकर जताई गई है। मंत्री डॉ. अंसारी ने निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में तापमान ज्यादा है, वहां स्कूलों में कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के साथ जोखिम लेने जैसा है। इसलिए प्रशासन को स्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयां, बेड और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है।
डॉक्टरों, नर्सों और सहिया कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। मंत्री ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौसम विभाग ने 19 और 20 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो स्थिति रेड अलर्ट तक पहुंच सकती है।
गर्मी की इस लहर से आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखा जा रहा है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।
राज्य सरकार ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। कुछ जरूरी दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
- दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें
- धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें
- हल्के और सूती कपड़े पहने
झारखंड सरकार ने साफ किया है कि वह हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
सरकार ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है ताकि इस भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को कम किया जा सके। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
