Jharkhand News: झारखंड में लंबे समय से खाली पड़े लोकायुक्त पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता को राज्य का नया लोकायुक्त नियुक्त किया है। इस संबंध में गुरुवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई। अब शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद वे औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभालेंगे। परंपरा के अनुसार लोकायुक्त को राज्यपाल द्वारा ही शपथ दिलाई जाती है।
न्यायमूर्ति अमिताभ गुप्ता का लंबा न्यायिक अनुभव
नवनियुक्त लोकायुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता का न्यायिक क्षेत्र में लंबा और विविध अनुभव रहा है। उन्होंने वर्ष 1997 में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था और संयुक्त बिहार के समय एडीजे के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद वे धनबाद और दुमका जैसे महत्वपूर्ण जिलों में भी पदस्थापित रहे। रांची में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के रूप में भी उन्होंने कार्य किया। वर्ष 2013 में उन्हें झारखंड उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 30 मई 2021 को वे सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने आरआरडीए ट्रिब्यूनल के चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव भी रहा मजबूत
न्यायमूर्ति अमिताभ गुप्ता का जन्म 31 मई 1959 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा साहिबगंज के सेंट जेवियर्स स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने हिंदू कॉलेज से स्नातक किया और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर एवं एलएलबी की डिग्री हासिल की। शिक्षा के साथ-साथ उनका प्रशासनिक अनुभव भी काफी व्यापक रहा है। वे झारखंड सरकार में विधि सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं, जिससे उन्हें प्रशासन और न्याय व्यवस्था दोनों की गहरी समझ प्राप्त हुई है।
पांच वर्षों से खाली पद और लंबित मामलों की चुनौती
झारखंड में लोकायुक्त का पद जून 2021 से खाली पड़ा था, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का कोरोना महामारी के दौरान निधन हो गया था। तब से यह महत्वपूर्ण पद रिक्त था, जिसके कारण राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़े करीब तीन हजार मामले लंबित हो गए थे। इस रिक्तता को लेकर न्यायिक प्रक्रिया में भी चिंता जताई गई थी और झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सुनवाई चल रही थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि नई नियुक्ति के बाद लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और लोकायुक्त व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
