Jharkhand News: झारखंड के स्केटिंग खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रांची के खेलगांव स्थित वेलोड्रम स्टेडियम के पास ईस्ट जोन का पहला स्केटिंग रिंक लगभग तैयार हो चुका है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अब केवल रेलिंग लगाने और पेंटिंग का काम बाकी रह गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं एक ही जगह पर मिलेंगी। इससे राज्य में स्केटिंग खेल को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
4.15 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा आधुनिक स्टेडियम
यह स्केटिंग रिंक करीब 4 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12660.43 स्क्वायर फीट है, जिसमें स्केटिंग ट्रैक के साथ फ्री स्टाइल ग्राउंड भी शामिल है। परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में रोलर हॉकी, स्केट बोर्ड, पवेलियन और दर्शकों के लिए गैलरी जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। यह स्टेडियम एक साथ तीन अलग-अलग खेल आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम होगा, जिससे झारखंड का खेल ढांचा और मजबूत होगा।
अभी सड़क और स्कूल पर निर्भर हैं खिलाड़ी
वर्तमान में झारखंड के स्केटिंग खिलाड़ी अभ्यास के लिए संत जेवियर स्कूल या फिर रिंग रोड और मोरहाबादी की सड़कों पर निर्भर हैं। कोच और खिलाड़ियों के अनुसार यह सुविधाएं उनके अभ्यास के लिए उपयुक्त नहीं हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जब खिलाड़ी बड़े स्टेडियम में पहुंचते हैं तो उन्हें फर्श और स्पीड के अंतर के कारण परेशानी होती है। अंतरराष्ट्रीय कोच राजेश राम का कहना है कि नया स्केटिंग रिंक खिलाड़ियों की तैयारी को पूरी तरह बदल देगा और उनके प्रदर्शन में बड़ा सुधार लाएगा।
राज्य में स्केटिंग का बढ़ता सफर और उम्मीदें
झारखंड में स्केटिंग की शुरुआत 2007 में केवल पांच खिलाड़ियों के साथ हुई थी, जो अब बढ़कर लगभग 450 रजिस्टर्ड खिलाड़ियों तक पहुंच चुकी है। इनमें 67 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत चुके हैं। खिलाड़ी मानते हैं कि नया रिंक उनके करियर के लिए गेमचेंजर साबित होगा। जून में होने वाली राष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिता में करीब 2000 खिलाड़ियों के आने की संभावना है, और अगर काम समय पर पूरा हो गया तो यह आयोजन इसी स्टेडियम में हो सकता है। इससे झारखंड खेल मानचित्र पर एक नई पहचान बना सकता है।
