Jharkhand News: झारखंड के West Singhbhum जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक साधारण विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। मृतक दामू सिंकू 50 वर्ष के थे और सेरेंगसिया गांव के पदमपुर टोला के निवासी थे। बुधवार शाम मुर्गा को लेकर हुए विवाद ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि यह हत्या तक पहुंच गया। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और ग्रामीणों के बीच भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
भतीजे समेत कई लोगों पर हमला करने का आरोप
जानकारी के अनुसार, दामू सिंकू का अपने भतीजे और कुछ पड़ोसियों के साथ मुर्गा को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। शुरुआती विवाद मामूली था, लेकिन कुछ ही देर में यह झगड़ा हिंसक हो गया। आरोप है कि गुस्से में आए भतीजे और अन्य लोगों ने मिलकर दामू सिंकू पर कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और वे मौके पर ही गिर पड़े। घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, अस्पतालों के चक्कर में गई जान
घटना के बाद परिजन घायल दामू सिंकू को तुरंत टोंटो स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उचित इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 10 बजे उन्हें चाईबासा लाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स अस्पताल भेजने की सलाह दी। हालांकि, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण वे उन्हें रांची नहीं ले जा सके। इस देरी और इलाज के अभाव में देर रात उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पुलिस कार्रवाई शुरू, आरोपियों की तलाश जारी
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने टोंटो थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मृतक के भतीजे समेत परगना सिंकू, डोबरो सिंकू, किशनू सिंकू और पेलंग सिंकू के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
