Jharkhand विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हुआ और सदन में कई महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा हुई। इस दौरान विधायक रामचंद्र सिंह ने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को बिना परीक्षा लिपिक के पद पर नियुक्ति के सवाल पर सरकार से जवाब मांगा। सरकार की तरफ से बताया गया कि इस मुद्दे पर विचार किया जाएगा और इसके लिए कार्मिक विभाग ने बिहार सरकार से रिपोर्ट मंगवाई है, जहां यह व्यवस्था पहले से लागू है।
लिपिकीय नियुक्ति के वर्तमान नियम और प्रक्रिया
वर्तमान नियमों के अनुसार, सचिवालय एवं संलग्न कार्यालयों तथा क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिकीय संवर्ग के मूल कोटि के 85 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती होती है। वहीं 15 प्रतिशत पदों पर समूह-घ (चतुर्थ श्रेणी) कर्मचारियों के लिए सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति की जाती है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग इस परीक्षा का आयोजन करता है ताकि समूह-घ कर्मचारियों को लिपिकीय पदों पर नियुक्ति का अवसर मिल सके।
विधानसभा में उठाए गए अन्य मुद्दे
बजट सत्र में विधायक सदस्यों ने स्थानीय मुद्दों को भी सदन में रखा। रजरप्पा में श्रद्धालु की पुलिस द्वारा पिटाई और इटखोरी में सीओ द्वारा की गई पिटाई का मामला सीपी सिंह ने उठाया। वहीं, नवीन जायसवाल ने राजधानी में होटल व्यवसायी को बम से धमकी देने के मामले को विधानसभा में चर्चा के लिए रखा। इन मुद्दों पर सरकार ने तुरंत जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सरकार का आश्वासन और आगे की कार्रवाई
सरकार ने सदन में आश्वासन दिया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिपिकीय पद पर बिना परीक्षा नियुक्ति के मामले में बिहार सरकार की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद निर्णय लिया जाएगा। साथ ही विधानसभा में उठाए गए अन्य संवेदनशील मामलों की जांच और कार्रवाई तेज़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इससे कर्मचारियों और जनता दोनों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
