Jharkhand News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को भारतीय रेलवे के रांची रेल मंडल ने एक खास पहल की है। इस दिन रांची–इरगांव मेमू पैसेंजर का परिचालन पूरी तरह महिलाओं द्वारा किया जाएगा। ट्रेन सुबह 8:55 बजे रांची रेलवे स्टेशन के लोहरदगा प्लेटफार्म से रवाना होगी। इस विशेष ट्रेन की पूरी कमान महिला कर्मियों के हाथ में होगी। लोको पायलट महिलाएं ट्रेन चलाएंगी और महिला गार्ड हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना करेंगी। यह कदम रेलवे में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक माना जा रहा है।
लोहरदगा पुल में दरार आने के कारण इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है। पहले यह ट्रेन टोरी तक जाती थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर इसे केवल इरगांव तक सीमित रखा गया है। रेल प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए ही यह निर्णय लिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी मानक और उपायों का पालन किया जाएगा, ताकि महिला कर्मियों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हो सके।
इस विशेष ट्रेन में करीब 15 महिला कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। लोको पायलट, गार्ड और तीन महिला टीटीई के साथ रेल सुरक्षा बल की पांच महिला जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी। इसके अलावा चिकित्सा विभाग, सफाई और समपार फाटक संचालन की जिम्मेदारी भी महिलाओं के पास होगी। यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा ताकि सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा सके। यह पहल महिलाओं की तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करती है।
सिर्फ ट्रेन ही नहीं, बल्कि 8 मार्च को रांची रेलवे स्टेशन पर भी अधिकांश जिम्मेदारियां महिला कर्मियों द्वारा निभाई जाएंगी। स्टेशन प्रबंधन, बुकिंग काउंटर, यांत्रिक विभाग, चिकित्सा सेवा, सफाई व्यवस्था और समपार फाटक का संचालन महिलाओं के हाथ में रहेगा। इस दिन स्टेशन प्रबंधक की जिम्मेदारी भी महिला अधिकारी संभालेंगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल केवल औपचारिक आयोजन नहीं है बल्कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, दक्षता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।
