Jharkhand News: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। ये सभी आरोपित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं, जिन पर ऑनलाइन ठगी और फर्जी कस्टमर केयर कॉल करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पथरौल थाना क्षेत्र के सरहैता गांव के पास जंगल से की गई।
आरोपितों के पास से बरामद महत्वपूर्ण सामग्री
गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 1.01 लाख रुपए नकद बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह पैसा साइबर ठगी का है। विशेष रूप से नीरज कुमार दास के पास रखा गया यह रकम उनके ठगी के खेल का हिस्सा थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा किससे ठगी के जरिए प्राप्त हुआ और इसे आरोपी तक कैसे पहुंचाया गया।
ठगी का तरीका और आरोपितों की साजिश
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे मुख्य रूप से गूगल पर विभिन्न कंपनियों के कस्टमर केयर नंबरों की जगह अपना फर्जी नंबर डालते थे। जब लोग मदद के लिए इस नंबर पर कॉल करते थे, तो आरोपित उन्हें अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। इसके अलावा आरोपी फोनपे और पेटीएम कस्टमर केयर पदाधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते और नकली इनाम या कैश ऑफर देकर उन्हें ठगी का शिकार बनाते। यह तरीका कई महीनों से लोगों के साथ किया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की जांच
इस छापेमारी में साइबर थाना के इंस्पेक्टर नागेन्द्र कुमार मंडल, एसआई संतोष कुमार मंडल और पथरौल एवं पथरड्डा थाने की पुलिस टीम शामिल थी। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस आगे यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने ठगी का पैसा किस-किस व्यक्ति से लिया और किस नेटवर्क के जरिए इसे संचालित किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सतर्कता और साइबर जागरूकता जरूरी है।
