Jharkhand News: झारखंड से रेलवे क्षेत्रीय सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के ZRUCC सदस्य अरुण जोशी ने रेलवे मंत्री को पत्र लिखा है और इंदौर, रांची और पुरुलिया के बीच नई नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस रूट पर सीधी रेल सेवा का अभाव यात्रियों, व्यापारियों और छात्रों के लिए बड़ी असुविधा पैदा करता है। इसके अलावा, लंबे समय से इस मार्ग पर रेल सुविधा न होने से आर्थिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।
ट्रिशाताब्दी एक्सप्रेस का रेक करेगा काम
अरुण जोशी ने अपने प्रस्ताव में उल्लेख किया कि ट्रेन संख्या 12913/12914 ट्रिशाताब्दी एक्सप्रेस का रिजर्व रेक मंगलवार से रविवार तक अधिकांश समय खाली पड़ा रहता है। उनका सुझाव है कि यदि इस रेक का उपयोग हफ्ते में एक बार किया जाए और नई ट्रेन सेवा शुरू की जाए, तो रेलवे संसाधनों का सही और प्रभावी उपयोग हो सकेगा। इस तरह से खाली पड़े रेक का उपयोग करके यात्रियों को नई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रस्तावित मार्ग और शहरों की सूची
जोशी ने इस नई सेवा के मार्ग में उज्जैन, भोपाल, चोपन, डाल्टनगंज, लोहरदगा और रांची को शामिल करने का सुझाव दिया है। इस प्रस्तावित सेवा के जरिए मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे इंदौर, उज्जैन और भोपाल से सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो जाएगी। साथ ही, झारखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भी सीधे रेल मार्ग से सुविधा मिलेगी। इस पहल से व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
संबंधित अधिकारियों और सांसदों को पत्राचार
इस प्रस्ताव के संदर्भ में अरुण जोशी ने रेलवे बोर्ड के सीईओ, पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक, रतलाम DRM, राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम और पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो को भी पत्राचार किया है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यात्रियों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
