Jharkhand: झारखंड के दुमका से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। 24 फरवरी की सुबह, अपराधियों ने डीआईजी कार्यालय के ठीक पास ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस वारदात में संथाल परगना मजदूर मोटर संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष अरुण सिंह को गोली लगी। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल रेफर किया गया। इस घटना ने पूरे शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
कानून-व्यवस्था को ताक पर रखने वाली यह घटना सुबह करीब 6 बजे हुई। अरुण सिंह रोज़ की तरह अपने घर से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। तभी नगर थाना क्षेत्र के डीआईजी कार्यालय के पास पीछे से आ रहे पल्सर बाइक सवार दो अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली सीधे अरुण सिंह को लगी और वे खून से लथपथ सड़क पर गिर पड़े। हमलावर मौके से फरार हो गए। आनन-फानन में उन्हें फूलो झानो मेडिकल कॉलेज (PJMC) अस्पताल ले जाया गया और गंभीर स्थिति के कारण तुरंत आसनसोल रेफर कर दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया। पूरे इलाके की घेराबांदी कर दी गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई। पुलिस का दावा है कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी सुराग जुटाए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद इलाके में तैनात पुलिसकर्मी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सतर्क हो गए।
अरुण सिंह पर यह हमला पहली घटना नहीं है। अप्रैल 2025 में भी कोर्ट परिसर के पास अपराधियों ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे बच गए थे। आज की इस वारदात ने दुमका की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। डीआईजी कार्यालय के पास सुबह-सुबह इस तरह की खुली फायरिंग ने पूरे इलाके में भय पैदा कर दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि अपराधियों के पीछे कौन है और उन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है।
