Jharkhand News: झारखंड में सोमवार सुबह से 48 नगर निकायों में मतदान शुरू हो गया है, जिनमें देवघर नगर निगम भी शामिल है। मतदाता सुबह से ही अपने-अपने मतदान केंद्रों में पहुंचे और अपनी पसंद के उम्मीदवार के लिए वोट डाल रहे हैं। राज्य में कुल 48 शहरी स्थानीय निकायों में महापौर, अध्यक्ष और पार्षदों के पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। प्रशासन ने मतदान को शांतिपूर्ण और सुचारू बनाने के लिए कड़ी सुरक्षा और अधिकारियों की तैनाती की है।
गोड़दा के सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी पत्नी अनुकंता दुबे के साथ देवघर में मतदान किया। उन्होंने पेयजल और स्वच्छता विभाग के बूथ पर अपने मत का प्रयोग किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि संथाल परगना के सभी जिलों में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार की जीत तय है। उन्होंने यह भी कहा कि हेमंत सोरेन सरकार द्वारा बैलट पेपर का इस्तेमाल करना आम जनता के लिए समस्याजनक है और यह तकनीकी दृष्टि से पिछड़ेपन को दर्शाता है।
सांसद ने कहा कि झारखंड में ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर का इस्तेमाल देश को पत्थर युग में वापस ले जाने जैसा है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे लालू यादव ने बिहार को 15 साल पीछे ले गया था, वैसे ही हेमंत सोरेन झारखंड को पिछड़ेपन की ओर ले जा रहे हैं। दुबे ने मतदान प्रक्रिया को धीमा बताते हुए कहा कि बैलेट पेपर के कारण लोग कठिनाई महसूस कर रहे हैं और मतदान का अनुभव सुचारू नहीं हो पा रहा है।
बैलेट पेपर चुनाव के कारण मतदान की गति धीमी हो रही है और मतदाता लंबे समय तक कतारों में खड़े हैं। सांसद ने कहा कि सरकार को प्रौद्योगिकी और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर जनता के लिए सुविधाजनक व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि जनता इस स्थिति को समझेगी और सही उम्मीदवार का चयन करेगी। प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी हुई है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
