Jharkhand News: झारखंड में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर राज्य सरकार ने सहिया बहनों के लिए बड़ा ऐलान किया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विधानसभा में बताया कि प्रदेश की करीब 42,000 सहिया बहनों के खाते में एकमुश्त 24,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि उनकी मासिक वेतनमान 2,000 रुपये के अतिरिक्त दी जाएगी। सरकार ने यह निर्णय सहिया बहनों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को मान्यता देने के लिए लिया है।
सहिया बहनों की मासिक सैलरी और बोनस
मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि सहिया बहनों को महीने में 2,000 रुपये का वेतन मिलता है। इसके अलावा, उनके काम के आधार पर उन्हें प्रोत्साहन राशि भी मिलती है। कुल मिलाकर सहिया बहनों की आमदनी महीने में 10,000 से 12,000 रुपये के बीच रहती है। राज्य सरकार की यह पहल उनके कार्यों को और प्रेरक बनाने और उन्हें ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय बनाए रखने का प्रयास है।
विधायक मांगें और मंत्री का जवाब
इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए विधायक निर्मल महतो ने सहिया बहनों की मासिक सैलरी 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की मांग की। वहीं, विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि सहिया बहनों को कम से कम माइया सम्मान योजना से अधिक लाभ मिलना चाहिए। इस पर मंत्री अंसारी ने स्पष्ट किया कि वेतन के अलावा प्रोत्साहन राशि के माध्यम से सहिया बहनों को और लाभ दिया जाता है, ताकि उनका काम और अधिक प्रभावशाली बन सके।
सहिया बहनों की भूमिका और महत्व
सहिया बहनें (SAHIYA) ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत काम करती हैं और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और नल जल योजना जैसी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्हें स्मार्टफोन और अन्य प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। मंत्री अंसारी ने कहा कि सहिया बहनों की मेहनत और सेवा के बिना ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार संभव नहीं है। सरकार की यह पहल उनके काम की सराहना और उनका मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।

