Jharkhand News: नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से होल्डिंग टैक्स में घोटाला चल रहा था। निगम करोड़ों रुपये का राजस्व गंवा चुका था, जबकि राजस्व विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी। अब निगम की टीम द्वारा व्यावसायिक और निजी परिसरों की जांच शुरू होने के बाद कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। माप जांच में कई परिसरों में आधे क्षेत्र का राजस्व चोरी हुआ पाया गया, जिससे निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
विभिन्न वार्डों में मिली बड़ी अनियमितताएं
शुक्रवार को निगम के राजस्व विभाग की टीम ने विभिन्न वार्डों में कर और भूमि उपयोग की जांच की। वार्ड संख्या 1 में रमेश चंद्र गड़ी की संपत्ति में 5,050 वर्ग फीट की अंतर पाया गया। वार्ड 2 में तड़का ए शाही में 3,100 वर्ग फीट और अंतर्राष्ट्रीय पब्लिक स्कूल, मधुसूदन त्रिपाठी द्वारा संचालित, में 20,196 वर्ग फीट का अंतर मिला। वार्ड 6 में सोनी देवी और अनिल केर्केट्टा के मामलों में क्रमशः 7,040 और 6,770 वर्ग फीट का अंतर देखा गया।
अनजाने और गलत वर्गीकृत होल्डिंग्स का पता चला
वार्ड 14 में राम गति चौधरी, अमर कुमार चौधरी और सुशीला देवी की अंकेक्षित भूमि को मापा गया, जिसमें क्रमशः 5,250, 3,908 और 2,236 वर्ग फीट की अंतर पाया गया। वार्ड 34 में श्री ऋषि अजातशत्रु की संपत्ति का ACC क्षेत्र 2,000 वर्ग फीट होने के बजाय 53,975 वर्ग फीट पाया गया, जिसमें 51,975 वर्ग फीट का अंतर दर्ज हुआ। वार्ड 35 में भाव्या पैलेस का मापन किया गया तो पता चला कि यहां बंकेट हॉल के व्यावसायिक उपयोग के बावजूद खाली जमीन के हिसाब से टैक्स वसूला जा रहा था, जिसमें 14,274 वर्ग फीट का अंतर सामने आया।
निगम का जनता से अपील और आगे की कार्रवाई
निगम ने जनता से अपील की है कि वे अपनी संपत्ति का पुनर्मूल्यांकन करवाएं और क्षेत्र, उपयोग या अन्य विवरणों में बदलाव की जानकारी दें। राजस्व विभाग ने MS SPS को निर्देश दिया है कि सभी पाए गए त्रुटियों और अनियमितताओं को ऑनलाइन दर्ज करें। इस अभियान से निगम को राजस्व में सुधार और कर चोरी की रोकथाम में मदद मिलने की संभावना है। निगम प्रशासन ने भविष्य में ऐसे अनियमित मामलों पर सख्त नजर रखने का भरोसा दिया है।

