Jharkhand News: कोयलांचल के सीएच एरिया के रहने वाले व्यवसायी क़ैरव गांधी के अपहरण और उनकी सुरक्षित वापसी के बाद पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड गुड्डू सिंह और उनके साथियों इमरान व उपेंद्र सिंह से महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पूछताछ में इन आरोपियों ने बताया कि क़ैरव गांधी के अपहरण की साजिश स्थानीय अपराधी की सूचना पर तीन माह तक गुप्त रूप से योजना बनाई गई थी। गिरफ्तार अपराधी बिहार के नालंदा, पटना और गया जिलों के निवासी हैं। यह गिरोह तीन स्तरों में काम करता था जिसमें पहली कड़ी अपहरण को अंजाम देने वाली थी, दूसरी कड़ी बंदी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदार थी और तीसरी कड़ी फिरौती की मांग के लिए संपर्क करती थी। पुलिस ने अब तक गिरोह के दो स्तरों के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
गुड्डू सिंह ने पुलिस को बताया कि 13 जनवरी को उन्होंने अपने साथियों उपेंद्र सिंह, मोहम्मद इमरान, रमिज़ रज़ा और दो अन्य के साथ मिलकर क़ैरव गांधी का अपहरण कडमा-सोनारी लिंक रोड पर किया था। अपहरण के बाद क़ैरव गांधी को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अर्जुन सिंह और मोहन कुमार प्रसाद को सौंपी गई थी। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्य फिरौती के लिए परिवार वालों से संपर्क करते थे। गुड्डू ने सभी के नाम और पते पुलिस को सौंपे हैं ताकि जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस सूत्रों की मानें तो अभी कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है, जिनके लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस मुठभेड़ में गुड्डू सिंह, इमरान और रमिज़ घायल हो गए हैं और उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उपेंद्र सिंह की पुलिस छापेमारी के दौरान छत से गिरने से टांग टूट गई है और वह भी अस्पताल में है। उपेंद्र सिंह गया जिले के सोंधी गांव का रहने वाला है और उसने अपहृत क़ैरव गांधी को अपने गांव के एक निर्माणाधीन घर में छिपाया था। उपेंद्र पर बिहार में 2009 से कई गंभीर हत्या और अपहरण के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वह 2013 में छत्तीसगढ़ और झारखंड की जेल में भी बंद रहा है।
पुलिस के दबाव के कारण अपहरणकर्ताओं ने 26 जनवरी को आधी रात के बाद क़ैरव गांधी को चोपरण-बरही रोड के पास छोड़ दिया। उसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस अभी भी बाकी आरोपियों की खोज में लगी है ताकि इस गिरोह को पूरी तरह से समाप्त किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

