Jharkhand News: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने निपाह वायरस को लेकर सभी जिलों के सिविल सर्जन को सतर्क रहने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। झारखंड में अभी तक निपाह वायरस का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही को देखते हुए संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि संक्रमण फैलने से पहले ही उसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने बताया कि निपाह वायरस अत्यंत संक्रामक होता है और इसके संक्रमण की मृत्यु दर भी बहुत अधिक है। यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से मनुष्यों और जानवरों में फैलता है। संक्रमण का खतरा चमगादड़ों की लार या मूत्र से दूषित फलों या कच्चे खजूर के रस के सेवन से होता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के निकट शारीरिक संपर्क से भी यह फैल सकता है। निपाह वायरस के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, मानसिक स्थिति में बदलाव, दौरे और कोमा जैसी तंत्रिका संबंधी गंभीर समस्याएं शामिल हैं। लक्षण दिखने पर तत्काल जांच और इलाज जरूरी है।
झारखंड सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे निपाह प्रभावित इलाकों से आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी करें और संदिग्ध मरीजों की जानकारी तुरंत एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) को दें। गंभीर लक्षण वाले या सांस लेने में समस्या वाले मरीजों को तुरंत क्वारेंटाइन कर उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण (आईपीसी) प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना है। इसके साथ ही, रिम्स में एक विशेष क्वारेंटाइन वार्ड तैयार किया गया है जिसमें 22 बिस्तर मौजूद हैं ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी खास अपील की है कि वे गिरे हुए फल न खाएं और कच्चा खजूर का रस या ताड़ी का सेवन करने से बचें। साथ ही, अनावश्यक निकट संपर्क से बचना चाहिए ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके। यदि किसी व्यक्ति में निपाह के लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल से संपर्क करें। 13 जनवरी को झारखंड सरकार ने पहले ही इस वायरस को लेकर जन जागरूकता अभियान शुरू किया था और निगरानी को कड़ा करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। निपाह वायरस एक अधिसूचित रोग है जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है और यह तेजी से फैलने की क्षमता रखता है, इसलिए समय रहते सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।

