Jharkhand News: भाजपा के संगठनात्मक चुनाव के अंतिम चरण में मंगलवार को एक अहम घटनाक्रम देखने को मिला जब आदित्य साहू ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। यह नामांकन राज्य कार्यालय में आयोजित प्रक्रिया के तहत हुआ जहां प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए नामांकन पत्र भरे गए। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर रांची पहुंचे केंद्रीय मंत्री और राज्य चुनाव अधिकारी जुएल ओराम ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि संगठन में नेतृत्व को लेकर सहमति और एकजुटता की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है। यह चरण भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य चुनाव अधिकारी जुएल ओराम ने जानकारी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन पत्र प्राप्त हुआ। वहीं राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए कुल इक्कीस नामांकन दाखिल किए गए। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र नामांकन होने के कारण आदित्य साहू का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रस्तावक की भूमिका निभाई। कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद के रूप में पहले से सक्रिय भूमिका निभा रहे आदित्य साहू का नाम आगे आना संगठन के भीतर संतुलन और नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है।
आदित्य साहू के नामांकन को जिन नेताओं ने प्रस्तावित किया उनमें पार्टी के कई दिग्गज चेहरे शामिल रहे। इनमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी सांसद विद्युत वरण महतो सहित प्रदेश उपाध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह का समर्थन भी इस सूची में रहा। इतने व्यापक समर्थन ने यह साफ कर दिया कि आदित्य साहू को संगठन के हर स्तर पर स्वीकार्यता हासिल है। यह समर्थन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और दिशा को तय करने का संकेत भी माना जा रहा है।
जुएल ओराम ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय परिषद के लिए जिन इक्कीस नेताओं ने नामांकन किया है उनमें पार्टी और राज्य राजनीति के कई बड़े नाम शामिल हैं। इन नामों में पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान सांसद और अनुभवी संगठनात्मक नेता शामिल हैं जो भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में झारखंड की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के नामों की औपचारिक घोषणा बुधवार को दोपहर दो बजे की जाएगी। चूंकि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन हुआ है इसलिए आदित्य साहू के नाम की घोषणा तय मानी जा रही है। इस घोषणा के साथ ही भाजपा झारखंड में संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और पार्टी आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए नए जोश और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ेगी।

