Ranchi News: धुरवा थाना क्षेत्र के मौसी बाड़ी, मल्हार कोचा से आठ दिन पहले दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका लापता हो गए। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है, लेकिन पुलिस अभी तक बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। स्थानीय लोग भारी असंतोष और चिंता में हैं, जबकि परिवार के सदस्यों की बेचैनी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को पुलिस बल की बड़ी टुकड़ी ने धुरवा की सड़कों पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बच्चे अभी भी अंधेरे में हैं। पुलिस ने सभी तालाब, कुएं और पानी के स्रोतों की भी खोज शुरू कर दी है ताकि कहीं बच्चों का कहीं भी पता चल सके।
मामले की गंभीरता और बढ़ते जन दबाव को देखते हुए शहर के एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी और ग्रामीण एसपी खुद धुरवा पहुंचे और जांच का नेतृत्व संभाला। उनके साथ कई थानों के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। जांच टीम सबसे पहले बच्चों के घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की। इसके बाद पूरे मोहल्ले को घेरकर हर घर, हर गली और हर संदिग्ध जगह की छानबीन की गई। हर तरफ तलाशी के बावजूद बच्चों का कोई पता नहीं चला, जिससे पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं।
पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए हर संभावित जगह पर छानबीन की जहां बच्चे हो सकते थे। बच्चों के रोज़ाना जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्र के देखरेखकर्ता से भी पुलिस ने विस्तार से पूछताछ की। साथ ही, मोहल्ले के तालाब, पुराने कुएं और जल-भराव वाले गड्ढों की गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए आस-पास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। इस बीच बच्चों की दादी मीना देवी से भी पुलिस ने बात की, जो भावुक होकर अपने पोते-पोतियों की जान बचाने की गुहार लगाती नजर आईं। उन्होंने बताया कि उनके पड़ोसी से बिहार के मानेर में करीब दो साल से विवाद चल रहा है, जिस पर पुलिस ने गंभीरता से ध्यान दिया और जल्द ही मानेर टीम भेजने का फैसला किया।
जांच के दौरान पुलिस ने डॉग स्क्वाड का भी सहारा लिया। नाक-सूंघने वाले कुत्ते ने बच्चों के घर से संदिग्ध युवक संतु के घर तक रास्ता दिखाया। संतु के घर और कार की पूरी तलाशी के बाद उसे संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने हिरासत में लिया है और गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। हालांकि पुलिस ने अभी तक संतु की गिरफ्तारी या उसकी संलिप्तता आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं की है। दूसरी ओर, पुलिस ने शादिमार मार्केट के दुकानदारों को सूचना दी कि जो कोई भी बच्चों के बारे में सही सूचना देगा उसके परिवार के किसी सदस्य को पुलिस में नौकरी दी जाएगी। इस घोषणा से बाजार में हलचल मच गई है। इसके अलावा, शहर के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर बच्चों के पोस्टर चिपकाए गए हैं ताकि हर नागरिक इस खोज अभियान में हिस्सा ले सके। इस बीच, लोगों ने पुलिस की नाकामी के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। शनिवार को एक भव्य मशाल जुलूस निकाला जाएगा जो मौसीबाड़ी से शुरू होकर पुराने विधानसभा भवन और बिरसा चौक तक जाएगा। रविवार को धुरवा में बंद का आह्वान किया गया है, जिसमें स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शांति से इस बंद में हिस्सा लेने का आग्रह कर रहे हैं और बच्चों के मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।

