Jharkhand News: कोएल नदी पर लोहरदगा-रांची रेल मार्ग का रेलवे ब्रिज नंबर 115 के चौथे और पांचवें स्तंभों में दरारें दिखाई देने के बाद 4 जनवरी से लोहरदगा स्टेशन तक पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की सेवा स्थगित कर दी गई थी। इस कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और उन्हें अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ा। 6 जनवरी को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने तकनीकी टीम के साथ इस पुल का निरीक्षण किया और वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की संभावना जाहिर की।
अब रेलवे द्वारा इरगांव तक MEMU पैसेंजर ट्रेन चलाने का निर्णय यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है। बुधवार सुबह 9:55 बजे रांची से रवाना हुई यह ट्रेन इरगांव स्टेशन तक पहुंची। पहले दिन लगभग 300 यात्री इस ट्रेन में सफर करते नजर आए। वरिष्ठ डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सुची सिंह और उनकी टीम इरगांव स्टेशन पर मौजूद रही। इरगांव तक ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिली है। पहले उन्हें बसों और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते थे। अब रेलवे सेवा से यात्रियों का विश्वास रेल यात्रा में फिर से बहाल हुआ है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने लोहरदगा से इरगांव गांव तक और इरगांव से लोहरदगा तक पायलट प्रोजेक्ट के तहत मुफ्त बस सेवा भी शुरू की है। इससे ट्रेन और सड़क परिवहन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हुआ है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले यात्री स्टेशन तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं। यह व्यवस्था न केवल स्थानीय लोगों के लिए राहतकारी है बल्कि व्यापारियों और छात्रों के लिए भी बहुत लाभकारी साबित हुई है।
रेलवे ने MEMU ट्रेन की गति के मामले में विशेष सावधानी बरती है। रांची से नागजुआ तक ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली, जबकि नागजुआ से इरगांव तक सुरक्षा कारणों से इसकी गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई। संचालन के दौरान वरिष्ठ डिविजनल कमर्शियल मैनेजर और उनकी टीम लगातार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही थी। पुल निरीक्षण के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने आश्वासन दिया था कि यात्रियों की असुविधा को देखते हुए जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। इरगांव तक MEMU ट्रेन सेवा इसी आश्वासन का नतीजा है। साथ ही, लोहरदगा से तोरी के बीच भी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू हो चुकी है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुल की मरम्मत के बाद जल्द ही लोहरदगा तक नियमित ट्रेन सेवा फिर से शुरू हो जाएगी और रेलवे यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उन्हें जल्द पूरा समाधान देगा।

