झारखंड राज्य में नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMS) परीक्षा 2025-26 का आयोजन सभी जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा। इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए छात्रों से ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित करने और परीक्षा केंद्र निर्धारित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD), नई दिल्ली ने झारखंड के लिए इस स्कॉलरशिप योजना के तहत कुल 1959 सीटें स्वीकृत की हैं। इस योजना के तहत पूरे देश में एक लाख मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। झारखंड से चयनित 1959 छात्रों को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। मंत्रालय द्वारा छात्रवृत्ति की राशि प्रति वर्ष ₹12,000 निर्धारित की गई है।
इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं। केवल सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, प्रोजेक्ट और अल्पसंख्यक विद्यालयों के छात्र ही पात्र होंगे। आवेदक ने 2024-25 सत्र में कक्षा 7वीं उत्तीर्ण की हो और वर्तमान में 2025-26 सत्र में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत हो। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 5 प्रतिशत अंक में छूट दी गई है। इसके अलावा, छात्र के माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय ₹3.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और राज्य सरकार द्वारा संचालित पूर्ण आवासीय स्कूल के छात्र इस परीक्षा के लिए योग्य नहीं होंगे, क्योंकि उनके आवास और भोजन की व्यवस्था पहले से सरकारी सहायता से हो रही है।
आवेदन के लिए छात्रों को JAC बोर्ड की वेबसाइट पर NMMS अनुभाग में रजिस्टर करना होगा। ऑनलाइन शुल्क भुगतान के बाद आवेदन पत्र की प्रिंट कॉपी स्कूल प्रधान को जमा करनी होगी। प्रधान सत्यापन के बाद इसे जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में भेजेंगे, जहां दस्तावेजों के आधार पर आवेदन स्वीकृत या अस्वीकार किया जाएगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षण नियमों के अनुसार लाभ मिलेगा। चयन के बाद, जाति प्रमाणपत्र और विकलांगता श्रेणी के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
परीक्षा NCERT के निर्धारित पैटर्न के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रश्नपत्र में दो खंड होंगे – Mental Ability Test (MAT) में 90 बहुविकल्पीय प्रश्न और Scholastic Aptitude Test (SAT) में विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित से 90 प्रश्न शामिल होंगे। प्रत्येक खंड के लिए 90 मिनट का समय होगा और विशेष रूप से विकलांग छात्रों को अतिरिक्त 30 मिनट दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए MAT और SAT का संयुक्त न्यूनतम कट-ऑफ 40 प्रतिशत है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए यह 32 प्रतिशत है।
छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए छात्रों को हर साल अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य है। कक्षा 9 और 11 में न्यूनतम 55 प्रतिशत और कक्षा 10 में बोर्ड परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। SC-ST छात्रों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए आवंटित सीटों की संख्या भी घोषित की गई है, जिसमें गिरीडीह को 255, ईस्ट सिंहभूम को 178, धनबाद को 133, पलामू को 124, रांची को 115, बोकारो को 102 और अन्य जिलों को अलग-अलग सीटें दी गई हैं। विभाग इस बार यह सुनिश्चित करने के प्रयास में है कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित सभी सीटों पर छात्रों का 100 प्रतिशत आवेदन हो और कोई सीट खाली न रहे।

