टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदररामम ने Jamshedpur के भविष्य और कंपनी के लीज नवीनीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील शहर की इन्फ्रास्ट्रक्चर, खेल सुविधाओं और सामाजिक विकास में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है। कंपनी का उद्देश्य न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है, बल्कि शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना भी है। सुंदररामम ने बताया कि नए प्रोजेक्ट्स के तहत शहर में कई नई सुविधाओं और योजनाओं का कार्य प्रगति पर है।
इंकैब की 177 एकड़ भूमि और 86 बस्तियों का मामला
इंकैब कंपनी की 177 एकड़ भूमि से जुड़ी स्थिति अब स्पष्ट होती दिख रही है। सुंदररामम ने कहा कि लीज 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त होने के बाद, राज्य सरकार के साथ नई शर्तों के तहत सीधे बातचीत की जाएगी। भूमि सर्वेक्षण जिला प्रशासन के सहयोग से पूरा हो चुका है और सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा, टाटा स्टील ने 86 बस्तियों के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि चाहे बस्तियाँ लीज क्षेत्र के भीतर हों या बाहर, कंपनी बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करती रहेगी। अंतिम निर्णय सरकार के पास है, लेकिन टाटा स्टील ने स्थायी रूप से इस पर भरोसा दिलाया है।
खेल, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है कि जमशेदपुर का ऐतिहासिक कीनन स्टेडियम पुनर्जीवित किया जा रहा है। टाटा स्टील स्टेडियम का नवीनीकरण कर रहा है, ताकि शहरवासियों को बड़े मैचों का आनंद फिर से मिल सके। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) और BCCI के साथ चर्चा जारी है। इसके अलावा, नवल टाटा हॉकी अकादमी में 52-बेड का महिला छात्रावास पूरा हो चुका है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, सोनारी एयरपोर्ट की रनवे चौड़ाई बढ़ाई जा रही है ताकि आपात स्थितियों में हवाई जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में स्पाइनल क्लिनिक शुरू की गई है और ऑनलाइन भुगतान सुविधा भी प्रदान की गई है। जनवरी 1 को कलिंगानगर में नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया, जो ओडिशा के JRD टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मॉडल पर है।
सामाजिक सेवा और CSR पहलें
टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से कंपनी ने पिछले नौ महीनों में झारखंड और ओडिशा के लोगों तक सरकार की योजनाओं के 3700 करोड़ रुपये के लाभ पहुँचाए हैं। वर्तमान में 60 लाख लोगों तक सेवाएँ पहुँच रही हैं, जिन्हें 2030 तक 1 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य है। CSR के तहत 600 करोड़ रुपये सामुदायिक विकास में खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें गेट्स फाउंडेशन और अन्य कंपनियों के सहयोग से काम किया जा रहा है।
इसके अलावा, मेरामंडली में 15-बेड का अस्पताल और टीएमएच में स्पाइनल क्लिनिक स्थापित किया गया है। कर्मचारी स्वयंसेवक कार्यक्रम में टाटा स्टील को 4.5 का स्कोर मिला, जबकि टाटा ग्रुप की कंपनियों का लक्ष्य 4 था। इन पहलों से स्पष्ट है कि टाटा स्टील शहरवासियों और कर्मचारियों के लिए हर क्षेत्र में सुधार करने की दिशा में गंभीर है और जमशेदपुर के भविष्य को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

