Jharkhand Congress MLAs: पश्चिम बंगाल के हावड़ा में शनिवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन झारखंड कांग्रेस विधायकों और दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि इनके पास बड़ी मात्रा में नगद राशि मिली। हावड़ा रूरल पुलिस ने इन पांचों को रविवार दोपहर को हावड़ा कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें CID हिरासत में 10 अगस्त तक भेज दिया गया। कोर्ट ने सभी पांचों, जिसमें तीन विधायक शामिल हैं, की जमानत अर्जी खारिज कर दी। शुरुआती जांच के बाद, मामले की जांच राज्य CID को सौंप दी गई है।
हावड़ा पुलिस ने तीनों विधायकों के खिलाफ IPC की धारा 420/120B/171E/34 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8/9 के तहत पंचला थाना में मामला दर्ज किया। हावड़ा रूरल SP स्वाति भांगालिया ने जानकारी दी कि NH-16 पर रनिहाटी मोर के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस ने जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी, खिजरी के विधायक राजेश कच्छप और कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सेल को भारी मात्रा में नकद के साथ पकड़ा। इस दौरान कुल 49 लाख रुपये बरामद किए गए, जो जामताड़ा विधायक की कार से मिले। इस वाहन में दो अन्य लोग, जिनमें ड्राइवर भी शामिल था, सवार थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीनों विधायकों के बयान में कई असंगतियाँ पाई गईं। विधायकों ने शुरुआती पूछताछ में दावा किया कि वे कोलकाता के बुर्राबाजार जा रहे थे ताकि झारखंड के त्योहार के लिए साड़ियाँ खरीद सकें, लेकिन पुलिस के अनुसार, विधायकों ने गुवाहाटी का रुख किया था और वहीं से लौट रहे थे। इस घटना के तुरंत बाद, कांग्रेस पार्टी ने सभी तीन विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया। झारखंड कांग्रेस इंचार्ज और पार्टी महासचिव अविनाश पांडेय ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी पुष्टि की।
सभी विधायकों ने कोर्ट में पेश होने के दौरान मीडिया से कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने गुवाहाटी जाने की बात का खंडन किया और कहा कि वे चोर नहीं, बल्कि टैक्सदाता हैं। इरफान अंसारी के भाई और कांग्रेस विधायक इमरान अंसारी ने इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई। उनका कहना था कि 40-50 लाख रुपये से किसी सरकार को गिराया नहीं जा सकता और यह राशि केवल साड़ियाँ खरीदने के लिए रखी गई थी। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई अब CID द्वारा की जा रही है।

