निवेश के फैसले अक्सर चुनौतीपूर्ण होते हैं, खासकर जब बाजार में उतार-चढ़ाव और महंगाई जैसे तत्व सामने हों। पिछले 40 सालों के आंकड़े बताते हैं कि सोना, शेयर बाजार और बैंक एफडी में निवेश करने वालों का क्या हाल रहा। WhiteOak Capital की रिपोर्ट के मुताबिक, 1985 में ₹100 का निवेश अगर Sensex में किया होता तो वह आज तक बढ़कर ₹13,484 हो जाता। वहीं, सोने में ₹100 की रकम बढ़कर ₹6,518 और बैंक एफडी में ₹2,100 हो गई होती।
हालांकि, यह देखकर लगता है कि शेयर बाजार सबसे बड़ा खिलाड़ी है, लेकिन इसमें जोखिम भी सबसे अधिक रहता है। सेंसेक्स के भारी उतार-चढ़ाव ने कई निवेशकों को नुकसान भी पहुंचाया। इसके विपरीत, सोने ने स्थिरता और सुरक्षा दोनों प्रदान की। यह ‘संकट का साथी’ साबित हुआ, खासकर जब बाजार में गिरावट आई। उदाहरण के लिए, 2020 में जब सेंसेक्स 22.9% गिरा, तो सोने ने 29.7% का फायदा दिया।
बैंक एफडी की बात करें तो यह महंगाई के मुकाबले कमजोर साबित हुआ। वास्तविक मूल्य के हिसाब से 1985 में ₹100 की एफडी आज सिर्फ ₹1,478 के बराबर है।
इन आंकड़ों से साफ होता है कि सिर्फ शेयर बाजार या सिर्फ सोने पर भरोसा करना सही नहीं। सही निवेश के लिए विविधता जरूरी है ताकि जोखिम कम हो और रिटर्न बेहतर मिले।

