राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने माओवादियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिनेश पुसु गावड़े हत्याकांड में फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले का है, जहां नवंबर 2023 में माओवादियों ने गावड़े का अपहरण कर बेहद नृशंस तरीके से हत्या कर दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि माओवादियों को शक था कि दिनेश गावड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा है और नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सूचनाएं देता है। इसी शक के आधार पर यह जघन्य अपराध अंजाम दिया गया।
एनआईए के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेलंगाना के निजामाबाद जिले के रघु उर्फ प्रताप उर्फ इरपा उर्फ मुद्देला उर्फ सैलू और महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के शंकर महाका के रूप में हुई है। दोनों प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह हत्या केवल एक व्यक्ति को खत्म करने की साजिश नहीं थी, बल्कि इसके जरिए पूरे इलाके में डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई थी। माओवादियों का मकसद साफ था कि ग्रामीण आरएसएस से दूरी बनाए रखें और सुरक्षा बलों के साथ किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें।
एनआईए ने अक्टूबर 2024 में यह केस गढ़चिरोली पुलिस से अपने हाथ में लिया था। इससे पहले एजेंसी इस मामले में चार अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संगठन ने योजनाबद्ध तरीके से गांवों में अपनी पकड़ बनाए रखने और मुखबिरी को रोकने के लिए इस तरह की हिंसक वारदात को अंजाम दिया।
जांच एजेंसी अब इस हत्याकांड के पीछे शामिल पूरे नेटवर्क और साजिश की परतें खोलने में जुटी है। एनआईए ने साफ संकेत दिए हैं कि फरार बचे अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दें, ताकि ऐसे हिंसक संगठनों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।

