झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को अपने आवासीय कार्यालय में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम से शिष्टाचार भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रोफेसर सुशान मार्क्स, अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञ टॉम सैंडरफोर्ड और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी अतिथियों का पारंपरिक झारखंडी अंगवस्त्र और बुके भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई अहम मुद्दों पर गहन और सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्य रूप से झारखंड में विदेशी निवेश के अवसरों पर फोकस किया गया। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के प्राकृतिक संसाधन, खनन, ऊर्जा, उद्योग, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में निवेश को लेकर गहरी रुचि दिखाई।
सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड की औद्योगिक नीति, निवेशकों को मिलने वाली सुविधाएं और निवेश के अनुकूल माहौल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार का मकसद है अधिक से अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करना ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें और झारखंड औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अग्रणी बने।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि वे अगले जनवरी में लंदन और स्विट्जरलैंड की विदेश यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को झारखंड की संभावनाओं से अवगत कराना और राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करना है।
क्या यह मुलाकात झारखंड में आर्थिक क्रांति की शुरुआत है? आने वाले महीनों में इसका असर झारखंड की तस्वीर में साफ नजर आएगा।

