World Economic Forum दावोस के दौरान झारखंड के औद्योगिक भविष्य को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। इस वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक और चेयरमैन बी के गोयनका के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में प्लास्टिक उद्योग के क्षेत्र में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब झारखंड सरकार राज्य को औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। दावोस में हुई इस मुलाकात को झारखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि इससे राज्य की वैश्विक पहचान और निवेशकों के बीच भरोसा मजबूत होता है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने वेलस्पन वर्ल्ड के प्रतिनिधियों को देवघर में प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह क्षेत्र आधारभूत सुविधाओं की दृष्टि से उपयुक्त है और यहां कच्चे माल की उपलब्धता के साथ साथ बेहतर कनेक्टिविटी भी मौजूद है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए वेलस्पन की टीम जल्द ही झारखंड का दौरा करेगी। इस दौरान स्थल निरीक्षण किया जाएगा और एक विस्तृत तकनीकी तथा व्यावसायिक अध्ययन भी किया जाएगा। यदि यह परियोजना जमीन पर उतरती है तो इससे न केवल देवघर बल्कि आसपास के जिलों में भी औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
प्लास्टिक उद्योग के अलावा वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश की संभावनाओं को लेकर रुचि दिखाई है। राज्य प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद में विकसित किए जा रहे लॉजिस्टिक पार्क की जानकारी साझा की और साथ ही राज्यभर में मौजूद वेयरहाउसिंग और स्टोरेज सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला। झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश से उद्योगों को बेहतर सप्लाई चेन मिलेगी और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। यह सब मिलकर झारखंड को एक मजबूत औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकता है।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा और प्रस्तावित निवेशों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए मिलकर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार निवेश के अनुकूल नीतियों और सरल प्रक्रियाओं के जरिए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वेलस्पन जैसे बड़े औद्योगिक समूह का झारखंड की ओर रुझान राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। दावोस में हुई यह बैठक झारखंड के औद्योगिक भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

