Skip to main content
Home › Agriculture › फूलों की खेती से संवर रही जिंदगी, लेकिन विस्तार के लिए किसानों को चाहिए सरकारी सहारा
DeogharAgriculturePrabhat Khabar

फूलों की खेती से संवर रही जिंदगी, लेकिन विस्तार के लिए किसानों को चाहिए सरकारी सहारा

फूलों की खेती से संवर रही जिंदगी, लेकिन विस्तार के लिए किसानों को चाहिए सरकारी सहारा

मलहरा गांव के 40 परिवार फूलों की खेती से आत्मनिर्भर हैं, हर मौसम में 10-20 हजार कमाते हैं. सरकारी मदद से यह कारोबार और बढ़ सकता है. The post फूलों की खेती से संवर रही जिंदगी, लेकिन विस्तार के लिए किसानों को चाहिए सरकारी सहारा appeared first on Prabhat Khabar.

Share this article