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RanchiTourism & CultureJharkhand News Desk

विजयादशमी के दिन, बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले आग की लपटों में समा जाएंगे! रांची के मोराबादी और अरगोरा में भीड़ को संभालने के लिए इंतजाम किए गए

विजयादशमी के दिन, बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले आग की लपटों में समा जाएंगे! रांची के मोराबादी और अरगोरा में भीड़ को संभालने के लिए इंतजाम किए गए

रांची: शारदीय नवरात्रि के दिनों में एक ओर राजधानी रांची के दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के 9वें स्वरूप 'मां सिद्धिदात्री' की पूजा की जा रही है. वहीं 'कन्या पूजन' कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. जबकि दूसरी ओर 'दशहरा' की तैयारी भी अब अंतिम चरणों में है. पंजाबी हिंदू बिरादरी द्वारा मोरहाबादी मैदान में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला खड़ा कर दिया गया है.वहीं श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति द्वारा अरगोड़ा मैदान में दशानन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला खड़ा कर दिया गया है. मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार दोनों जगहों पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और लंका दहन एवं रावण वध करेंगे

इस बार डबल स्टोरीज सोने की लंका

देश की आजादी के बाद बंटवारे का दंश झेलते हुए रांची आये पंजाबी हिन्दू बिरादरी द्वारा 1948-49 में रावण वध और लंका दहन का कार्यक्रम दशहरा में शुरू किया था. तब से आज तक कोरोना काल को छोड़कर लगातार यह आयोजन होता चला रहा है और हर साल इसका स्वरूप भव्य होता जा रहा है, तो रावण के पुतले का आकार भी विशाल होता जा रहा है

इस बार 70 फीट ऊंचा रावण

पंजाबी हिन्दू बिरादरी के महासचिव राकेश मेहरा कहते हैं कि इस वर्ष भी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला बिहार के गया जिले से आये कारीगर मोहम्मद मुस्लिम और उनके सहयोगी कारीगरों ने तैयार किया है. पंजाबी हिन्दू बिरादरी के राकेश मेहरा ने बताया कि इस बार 70 फीट का रावण, 65 फीट का कुंभकर्ण और 60 फीट की ऊंचाई वाला मेघनाद का पुतला बनाया गया है.

राकेश मेहरा ने बताया कि जिस तरह से समाज में बुराइयां बढ़ रही है, उसको चिन्हित करने के लिए इस बार का रावण ज्यादा बलिष्ठ, बलवान और लंबाई का बनाया गया है. कुंभकर्ण और मेघनाथ की भी लंबाई पिछले वर्ष से अधिक रखा गया है, क्योंकि समाज में अच्छाई कम और बुराई बढ़ती जा रही है

आतिशबाजी होगा बेहद मनभावन

राकेश मेहरा जो खुद मोराबादी मैदान में कल होने वाले लंका दहन कार्यक्रम की तैयारियों में लगे हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से खास बातचीत में बताया कि कल शाम 4 बजे से मोरहाबादी में दशहरा कार्यक्रम शुरू हो जाएगा. इस बार जो भी लोग रावण वध और लंका दहन कार्यक्रम देखने मोराबादी मैदान आएंगे. उन्हें विशेष आकाशीय आतिशबाजी देखने को मिलेगा, जो काफी लंबे समय तय आसमान में दिखेगा. उन्होंने बताया कि जैसी आतिशबाजी आईपीएल और अन्य बड़ी खेल प्रतियोगिताओं में दिखती है, वैसी आतिशबाजी का नजारा मंगलवार को मोरहाबादी में दिखेगा.

रामलीला का भी होगा मंचन

पंजाबी हिन्दू बिरादरी के महासचिव राकेश मेहरा ने आयोजित होने वाले लंका दहन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान जहां एक से बढ़कर एक आतिशबाजी होगी. वहीं कार्यक्रम के दौरान 40 मिनट- एक घंटे के करीब का रामलीला का भी मंचन होगा. उन्होंने बताया कि लंका दहन कार्यक्रम के दौरान परंपरागत गीत-संगीत और कला का भी प्रदर्शन होगा, स्वर्णनगरी लंका की सुरक्षा में दो राक्षस की उपस्थिति और वाटर फॉल आतिशबाजी अपने आप में खास होगा

राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे रावण वध

पंजाबी हिन्दू बिरादरी द्वारा मोराबादी में आयोजित होने वाले दशहरा एवं लंका दहन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इस बार राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रावण के पुतले का दहन करेंगे.

पुलता दहन कार्यक्रम में शामिल होंगे केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री

वहीं केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ कुंभकर्ण और पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक सीपी सिंह मेघनाथ का पुतला दहन करेंगे. राकेश मेहरा ने बताया कि हर साल मुख्यमंत्री द्वारा मोराबादी मैदान में रावण वध किया जाता रहा है लेकिन इस वर्ष मातृ शोक की वजह से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे.

लंका दहन के बाद होगा रावण वध का कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम 5.30 बजे राज्यपाल मोराबादी मैदान पहुंचेंगे. उसके बाद लंका दहन और रावण वध का कार्यक्रम शुरू होगा. उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पंजाबी हिन्दू बिरादरी के वॉलंटियर्स मौजूद रहेंगे. वहीं जिला प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है

मोरहाबादी, अरगोड़ा और एचईसी शालीमार मैदान समेत कई जगहों पर रावण दहन

राजधानी रांची में रावण दहन की तैयारी पूरी कर ली गई है. बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में हर साल विजयादशमी पर होने वाला रावण दहन इस बार खास रुप में मनाया जा रहा है. राजधानी के मोरहाबादी, अरगोड़ा और एचईसी शालीमार मैदान सहित कई स्थानों में रावण दहन होगा.

70 फीट ऊंचा रावण का पुतला

मोरहाबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी के द्वारा मंगलवार 20 अक्टूबर को रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. यहां 70 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है. इसके साथ ही 65 फीट के कुंभकर्ण और 60 फीट के मेघनाद का पुतला तैयार किया गया हैं. यहां का खास आकर्षण 30x30 फीट की दो मंजिला सोने की लंका है, जिसे प्रतीकात्मक रूप से जलाया जाएगा.

सुरक्षा के खास प्रबंध

यहां लेजर शो भी दर्शकों को आकर्षित करेगा. मोरहाबादी मैदान में इसके लिए खास प्रबंध किए गए हैं. यहां शाम 5 बजे रावण दहन होगा. जिसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई लोगों को आमंत्रित किया गया है.

अरगोड़ा मैदान में रावण दहन की तैयारी पूर

अरगोड़ा मैदान में रावण दहन की तैयारी पूरी हो गई है. यहां राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के हाथों 55 फीट का रावण धू-धू कर जलेगा. अरगोड़ा में श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति के उप कोषाध्यक्ष शिव प्रसाद साहू ने बताया कि अरगोड़ा मैदान में कार्यक्रम शाम 4 बजे से शुरू होगा. यहां ​रावण का पुतला 55 फीट तथा कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतले 50-50 फीट ऊंचे हैं. ​इन पुतलों का निर्माण बिहार के गया से आए कारीगरों द्वारा किया जा रहा है. यहां का मुख्य आकर्षण आतिशबाजी होगा, जिसके बाद लंका दहन होगा.

अरगोड़ा मैदान में सुविधा का विशेष ख्यालरावण, कुंभकर्ण और मेघनाद को कई दिनों से तैयार किया जा रहा है. पूरे और अरगोड़ा मैदान को दर्शकों के सुविधा के लिए खास तौर पर सजाया गया है और जगह-जगह बैरिकेटिंग कर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं को तैनात किया जायेगा.

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