रामगढ़: गहरे मातृ-वियोग के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने के लिए रामगढ़ के नेमरा पहुंचे. वहां उन्होंने लोगों से मुलाकात की और उनके स्नेह को स्वीकार किया. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री की दिवंगत माता को श्रद्धांजलि देने और इस कठिन समय में परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं साझा करने के लिए उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचे.
व्यवस्थाओं पर खुद निगरानी, दूर-दराज से आए लोगों का अभिवादन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वयं एक-एक कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो. नेमरा पहुंच रहे लोगों से मुलाकात कर वे उनका अभिवादन कर रहे हैं और इस कठिन समय में साथ खड़े रहने, संवेदनाएं व्यक्त करने तथा स्नेह देने के लिए सभी के प्रति आभार जता रहे हैं.
सुबह से देर रात तक जारी रही लोगों की आवाजाही
संस्कार भोज में शामिल होने के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचे. सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा. पूरे गांव में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली. लोगों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. नेमरा में दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही. सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के बीच संस्कार भोज का कार्यक्रम संपन्न हुआ. देर रात तक दूर-दराज से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा.
संस्कार भोज में श्रद्धांजलि देने के लिए वीआईपी और वीवीआईपी से लेकर आम लोगों तक का जनसैलाब उमड़ पड़ा. राज्य के राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोग भी नेमरा पहुंचे. सभी ने स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अर्पित की श्रद्धांजलि
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार रविवार को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव पहुंचे. यहां उन्होंने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वर्गीय रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं. राज्यपाल का नेमरा पहुंचना और दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करना इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करने का अवसर रहा.
बाबा रामदेव ने बताया अपूरणीय क्षति, सराहा योगदान
योग गुरु बाबा रामदेव ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि माता रूपी सोरेन ने केवल सोरेन परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को अपना परिवार माना. सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और राजनीतिक दृष्टि से समाज को आगे बढ़ाने में उनका योगदान प्रेरणादायी रहा है.
महुआ मांझी ने याद किया संघर्षपूर्ण दिनों का समर्पण
दिशोम गुरु शिबू सोरेन (गुरुजी) की पत्नी राजमाता रूपी सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने के बाद महुआ मांझी ने कहा कि आज विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं. पूजा के बावजूद लोगों का यहां आना इस बात को दर्शाता है कि झारखंड के लिए प्रणेता स्मृतिशेष दिशोम गुरु और उनकी पत्नी रूपी सोरेन का योगदान कितना महत्वपूर्ण रहा है.
झारखंड आंदोलन के संघर्षपूर्ण दिनों में रूपी सोरेन ने परिवार के साथ-साथ आंदोलन से जुड़े लोगों को भी संभाला. जब आंदोलनकारी जंगलों में रहकर संघर्ष कर रहे थे और पुलिस से बचते हुए अपने आंदोलन को आगे बढ़ा रहे थे, उस समय भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने अपने बच्चों का हौसला बढ़ाया और कठिन परिस्थितियों में परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं. रूपी सोरेन का संघर्ष और समर्पण आज भी प्रेरणादायी है. उनके परिवार ने लंबे समय तक झारखंड की राजनीति और आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सामने भी कई चुनौतियां आईं, लेकिन वे लगातार अपने राज्य और सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने में जुटे रहे. उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से परेशान करने और डराने की कोशिश की गई, लेकिन वे पीछे नहीं हटे. झारखंड आंदोलन से जुड़े नेताओं और उनके परिवारों के संघर्ष को याद रखना जरूरी है.
मंत्री योगेन्द्र प्रसाद बोले- एक साल में दो आकस्मिक निधन, अपूरणीय क्षति
झारखंड सरकार के मंत्री योगेन्द्र प्रसाद ने कहा कि एक साल के भीतर दो आकस्मिक निधन से मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के परिवार को गहरा आघात पहुंचा है. इसका असर पार्टी पर भी पड़ा है, क्योंकि दिवंगत माता रूपी सोरेन पार्टी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष थीं.
इरफान अंसारी ने जनसैलाब को भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बताया
झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के संस्कार भोज में उमड़े जनसैलाब को सोरेन परिवार के प्रति लोगों के गहरे प्रेम और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय रूपी सोरेन परिवार की अभिभावक थीं और आज लाखों लोगों का पहुंचना उनके प्रति लोगों के सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सोरेन परिवार का झारखंड की जनता के साथ हमेशा से भावनात्मक संबंध रहा है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के समय भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और आज भी वैसा ही जनसैलाब देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह लोगों के प्यार और जुड़ाव को दर्शाता है. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस समय गहरे दुख से गुजर रहे हैं. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि मुख्यमंत्री जल्द इस पीड़ा से उबरें. साथ ही कहा कि दुख की इस घड़ी में वे और अन्य लोग सोरेन परिवार के साथ खड़े हैं.