इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता के लिए देश के 10 से भी अधिक राज्यों में ऑडिशन (Auditions) आयोजित किए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत सबसे पहले झारखंड राज्य से की गई है।
धनबाद : देशभर के प्रतिभावान कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशाल प्रतियोगिता का शंखनाद हो चुका है। "जानू राज फिल्म्स एंड टीवी इंटरनेशनल" और "कलाकार उत्थान" के संयुक्त बैनर तले अखिल भारतीय स्तर पर "महा संग्राम, ऑल इंडिया डांस एंड सिंगिंग कॉम्पिटिशन 2026" का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता के लिए देश के 10 से भी अधिक राज्यों में ऑडिशन (Auditions) आयोजित किए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत सबसे पहले झारखंड राज्य से की गई है।
हजारीबाग के बाद अब रामगढ़, धनबाद और रांची की बारी
इस महासंग्राम की शुरुआत झारखंड के हजारीबाग जिले से हो चुकी है, जहाँ कलाकारों का ऑडिशन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस सफर को आगे बढ़ाते हुए अब आगामी 22 नवंबर को रामगढ़ में ऑडिशन का आयोजन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद झारखंड के ही धनबाद और राजधानी रांची में भी ऑडिशन लिए जाएंगे।
बिहार और कोलकाता में भी मचेगा 'महा संग्राम'
झारखंड के बाद यह कारवां पड़ोसी राज्य बिहार का रुख करेगा। बिहार में इस प्रतियोगिता की शुरुआत 13 दिसंबर को गया जिले से होगी, जिसके बाद राजधानी पटना में ऑडिशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बिहार के बाद पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी कलाकारों की खोज के लिए ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे।
धनबाद में हुआ सीईओ और डायरेक्टर का भव्य स्वागत, कलाकारों में भारी उत्साह
बीते 26 अक्टूबर को धनबाद आगमन पर "माँ तारा ड्रीम सिटी एंड टीम" द्वारा इस मेगा शो के सीईओ (CEO) और डायरेक्टर का बेहद गर्मजोशी और जोरदार तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान धनबाद के स्थानीय कलाकारों में प्रतियोगिता को लेकर एक अलग ही जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार, धनबाद में होने वाले ऑडिशन की तारीख की घोषणा भी बहुत जल्द कर दी जाएगी।
कलाकारों के लिए समर्पित है मेरा जीवन : हंस राज लोहरा
इस मौके पर संस्था के मुख्य संचालक हंस राज लोहरा ने धनबाद और पूरे देश से मिल रहे असीम प्यार और सहयोग के लिए सभी का दिल से आभार व्यक्त किया। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "मैंने अपना पूरा जीवन देश के छुपे हुए कलाकारों के उत्थान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया है। जब तक मेरे शरीर में सांस रहेगी, मैं कलाकारों के हक और उनके सम्मान के लिए पूरी निष्ठा से काम करता रहूँगा।"
इस प्रतियोगिता को लेकर देश भर के नृत्य (Dance) और गायन (Singing) के शौकीन युवाओं में एक नया उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह मंच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उन कलाकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिन्हें सही मार्गदर्शन और बड़ा मंच नहीं मिल पाता हैं।
