हाजी साहब ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, भाईचारे, गरीबों-मजलूमों के हक़ और झारखंड की पहचान एवं सम्मान के लिए संघर्ष करते हुए समर्पित कर दिया। उनका सेवाभाव, सादगी, संवेदनशीलता और संघर्षशील व्यक्तित्व आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और झारखंड के विकास एवं अधिकारों के लिए उनका योगदान सदैव याद किया जाता रहेगा। उनकी विचारधारा और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती रहेगी।
परमेश्वर हाजी साहब की मग़फ़िरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए और उनके परिवार एवं चाहने वालों के दिलों में सब्र-ए-जमील अता करे।आमीन 🤲
श्री प्राणेश साॅलोमन
उपाध्यक्ष, झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग राँची।