बैठक में सरकारी, आवासीय एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, आधार एवं बैंक खाता निर्माण, साइकिल वितरण, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकारी, आवासीय एवं मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, आधार एवं बैंक खाता निर्माण, साइकिल वितरण, बोर्ड परीक्षा की तैयारी, विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विभागीय पदाधिकारी एवं विद्यालय प्रबंधन अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों को शिक्षा एवं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना पड़े।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं तथा जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की समीक्षा की गई। सितंबर 2026 में निरीक्षण के दौरान पेयजल पाइप की मरम्मत, खराब सोलर लाइट, क्षतिग्रस्त छत, बाउंड्री की ऊंचाई बढ़ाने तथा भवन निर्माण से संबंधित अधूरे कार्यों जैसी समस्याएं सामने आई थीं। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय से इन कमियों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
छात्र-छात्राओं की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड में उपस्थिति का प्रतिशत सबसे कम 65.18 प्रतिशत पाया गया, जबकि अन्य प्रखंडों में यह 70 प्रतिशत से अधिक रहा। उपायुक्त ने इस स्थिति पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी प्रखंडों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिह्नित कर कारणों की समीक्षा करने, अभिभावकों से संपर्क स्थापित करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को उपस्थिति की नियमित निगरानी करते हुए इसमें प्रभावी सुधार लाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में आधार निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले एक माह में 12,558 छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाए गए हैं। उपायुक्त ने शेष विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनाने के लिए मिशन मोड में अभियान चलाने तथा आधार कार्ड बन चुके विद्यार्थियों के बैंक खाते खुलवाने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आधार कार्ड अथवा बैंक खाते के अभाव में किसी भी पात्र विद्यार्थी को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उपायुक्त ने जिले के सभी निजी विद्यालयों को यू-डाइस प्लस (UDISE+) के अंतर्गत लंबित आंकड़ों एवं प्रविष्टियों को यथाशीघ्र अद्यतन करने का निर्देश दिया। इसमें नामांकन संबंधी अंतर (Enrolment Gap) का निराकरण, आधार का पुनः सत्यापन (Aadhaar Revalidation), एमबीयू (MBU) अपडेट, अपार आईडी (APAAR ID) का निर्माण तथा ड्रॉपबॉक्स डेटा को अद्यतन करना शामिल है। साथ ही, सभी संबंधित विद्यालयों एवं शिक्षकों का प्रशस्त ऐप (PRASHAST App) पर पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित होने के साथ विभागीय योजनाओं एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के मद्देनजर ‘सिकुई-दिकुई अभियान’ की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के विषयवार ज्ञान, नियमित अभ्यास एवं कमजोरियों की पहचान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं तथा उनकी तैयारी की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इस क्रम में निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सेवानिवृत्त एवं इच्छुक शिक्षकों की सेवाएं लेने की संभावनाओं पर चर्चा की गई तथा आवश्यक सहयोग की अपील की गई। उपायुक्त ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यमों का समुचित उपयोग करते हुए विषयवार शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी तथा निजी विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।