Jharkhand News: देश भर में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हाल के दिनों में कई फर्जी और अनधिकृत वेबसाइटें भारत सरकार के अधिकारिक जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल की नकल कर आम जनता को भ्रमित कर रही हैं। इन वेबसाइटों के जरिए लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं और नकली प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनकी कोई वैधता नहीं होती। इस मामले की सूचना रांची नगर निगम के अधिकारियों को भी मिली है, जिन्होंने लोगों को जागरूक करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
रांची नगर निगम की चेतावनी और फर्जी वेबसाइटों की सूची
रांची नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे केवल भारत सरकार के अधिकारिक पोर्टल https://dc.crsorgi.gov.in/ का ही उपयोग करें और किसी भी फर्जी वेबसाइट से सावधान रहें। नगर निगम ने कुछ अनधिकृत वेबसाइटों की सूची जारी की है जो नकली प्रमाण पत्र जारी कर रही हैं। इन वेबसाइटों का सरकारी पोर्टल से कोई संबंध नहीं है और इनके उपयोग से साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। इसलिए आम जनता को स्वयं सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे धोखाधड़ी से बच सकें।

अधिकारिक पोर्टल से प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया
भारत सरकार का अधिकारिक जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण पोर्टल https://dc.crsorgi.gov.in/ है। इस पोर्टल के जरिए पूरे देश में जन्म और मृत्यु के प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते हैं। लोग इस पोर्टल पर जाकर ही आवेदन करें और किसी अन्य वेबसाइट पर न जाएं। अधिकारिक पोर्टल पर प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित होती है, जिससे नकली दस्तावेज़ बनने की संभावना समाप्त हो जाती है।
प्रमाण पत्र की सत्यता कैसे जांचें?
किसी भी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र को वैध मानने के लिए उसके ऊपर बने क्यूआर कोड को स्कैन करना आवश्यक है। यदि क्यूआर कोड स्कैन करने पर आपको https://dc.crsorgi.gov.in/ वेबसाइट पर रीडायरेक्ट किया जाता है, तो वह प्रमाण पत्र वैध माना जाएगा। लेकिन यदि कोई दूसरी वेबसाइट खुलती है या पेज एरर आता है, तो यह संकेत है कि प्रमाण पत्र नकली है। इस तरह की जांच से आप अपने दस्तावेज़ की वास्तविकता का पता लगा सकते हैं।
फर्जी प्रमाण पत्र बनाना और उपयोग करना अपराध
नकली जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना और उसे प्रस्तुत करना भारतीय दंड संहिता (IPC), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) समेत अन्य लागू कानूनों के तहत अपराध है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ प्रमाण पत्र का निरस्तीकरण और आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हर नागरिक केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्रमाण पत्र बनवाएं और फर्जी दस्तावेजों से बचें।

