Jharkhand News: झारखंड से एक दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। कहते हैं कि किसी भी मां के लिए अपने बच्चे से दूर हर पल एक अनंत काल की तरह लगता है। ऐसा ही कुछ शनिवार-रविवार की रात SNMCH में हुआ, जब नवजात शिशु चुराने की घटना सामने आई। हालांकि, धनबाद पुलिस ने इस मामले में मात्र 36 घंटे में मां की पीड़ा को समाप्त कर दिया। साराइढेला थाना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद किया और उसे उसकी मां के गोद में वापस लौटा दिया। पुलिस ने बच्चे को भुली के रेगुनी इलाके से बरामद किया।
अस्पताल में लौटे बच्चे को देखकर मां-बाप की आँखें हुई नम
सोमवार को, जब SNMCH के डॉक्टरों ने पुलिस की मौजूदगी में बच्चे को उसकी मां, सरिता मरांडी को सौंपा, अस्पताल परिसर का माहौल भावुक हो गया। 36 घंटे की लंबी प्रतीक्षा के बाद बच्चे को मां के हाथों में लौटते देखकर मां-बाप की आंखों में खुशी के आँसू छलक उठे। अस्पताल में उपस्थित अन्य लोग भी इस खुशी के पल को देखकर भावविभोर हो गए। इस घटना ने पुलिस की तत्परता और कुशल जांच का अहम उदाहरण पेश किया।
पुलिस ने किया लगातार छापामार अभियान
पुलिस टीम ने बच्चे के अपहरण की घटना के तुरंत बाद लगातार छापामार अभियान चलाया। CCTV फुटेज की जांच और तकनीकी सुरागों का पालन करते हुए पुलिस भुली के रेगुनी इलाके तक पहुंची। वहां रात के समय छापे के दौरान नवजात शिशु को बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारी मोहम्मद हसीम सहित कुल चार लोगों को हिरासत में लिया। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल की सुरक्षा भंग करने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद अस्पताल का कर्मचारी था।
मामले में हुई वित्तीय लेन-देन की पुष्टि
पुलिस ने बताया कि बच्चे के बदले आरोपी के बीच वित्तीय लेन-देन भी हुआ था। इस मामले में दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पीड़िता सरिता मरांडी, टुंडी के मणियाडीह की निवासी हैं। उन्हें 25 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। नवजात शिशु शनिवार-रविवार की रात चोरी किया गया था, और यह घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के कारण बच्चे को सुरक्षित मातृ हाथों में लौटाया जा सका, जो एक बड़ी राहत की खबर है।

